एक पेड़ माँ के नाम 2.0 अभियान की तैयारी: कलेक्टर ने जिला अधिकारियों की ली बैठक,दिए जरूरी दिशा निर्देश

बेमेतरा :  गत वर्ष की सफलता को आधार बनाते हुए इस वर्ष भी विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून, 2025) के अवसर पर “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस जनभागीदारी से प्रेरित अभियान का उद्देश्य पर्यावरणीय जागरूकता को नई ऊंचाई प्रदान करना है। इस संबंध में भारत सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा संयुक्त रूप से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
आज यहाँ कलेक्ट्रेट के दृष्टि सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर रणबीर शर्मा ने अभियान की तैयारी की समीक्षा की। इस बैठक में वनमंडलाधिकारी  दीपेश कपिल वन मंडल दुर्ग, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत टेकचंद्र अग्रवाल, अपर कलेक्टर अनिल बाजपेयी, जिले के सभी एसडीएम, तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे ।
कलेक्टर शर्मा ने निर्देश दिया कि 5 जून को वृहद वृक्षारोपण का आयोजन किया जाएगा। इस दिन शहर के टाउन हॉल में एक गरिमामय मुख्य कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। वृक्षारोपण के लिए स्थानों का चयन वन विभाग द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान के नोडल अधिकारी सीईओ जिला पंचायत होंगे। जिले के स्कूलों, महाविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों, अस्पताल परिसरों, आंगनबाड़ी केंद्रों आदि की खाली भूमि पर छायादार और फलदार वृक्षों का रोपण किया जाएगा। इसके अलावा नगर वन, पार्क, ग्रीन बेल्ट, राष्ट्रीय / राज्य राजपथ एवं प्रमुख सड़के, जलसंरचना, कैचमेण्ट एरिया, नदी तट, रिचार्ज जोन, नहर, अमृत सरोवर आदि सम्मिलित है जिनमें या जिनके आसपास प्राथमिकता से वृक्षारोपण किया जा सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को भी अभियान में सम्मिलित किया जावें।
कलेक्टर ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सामुदायिक सहभागिता को केंद्र में रखा जाएगा। इसके अंतर्गत विभिन्न जागरूकता गतिविधियां जैसे –
•प्रभात फेरी
•पर्यावरण संबंधी चित्रकला प्रतियोगिता
•निबंध लेखन प्रतियोगिता
•परिवार के साथ वृक्षारोपण कर सेल्फी  प्रतियोगिता के साथ अन्य कार्यक्रम की रुप रेखा  तय करने के निर्देश दिए ।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे भी अपने घरों के आस-पास व खाली ज़मीनों पर पेड़ लगाएं। इस वर्ष की थीम “जल, वन और जीवन” पर आधारित होगी, जो सतत विकास के संदेश को आगे बढ़ाएगी।
 कलेक्टर शर्मा ने यह भी बताया कि अभियान की सफलता और जिले की उपलब्धियों को दर्शाते हुए एक “कॉफी टेबल बुक” भी प्रकाशित की जाएगी, जिसमें जिले की विकास यात्रा, पर्यावरणीय प्रयासों और वृक्षारोपण की झलकियों को सुंदर फ़ोटोग्राफ्स के माध्यम से प्रस्तुत किया  जाए । इस अभियान में कॉलेजों, विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों की भी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने समन्वयपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए।एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान केवल एक वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और जिम्मेदारी का प्रतीक है। बेमेतरा जिला इस पहल के माध्यम से न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगा, बल्कि भावी पीढ़ियों को हरित विरासत भी सौंपेगा।

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