रायगढ़ की दो शिक्षिकाओं ने बदली पढ़ाई की तस्वीर, शिक्षक दिवस पर राज्यपाल के हाथों मिलेगा सम्मान

रायगढ़ :  शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता की मिसाल पेश करने वाली रायगढ़ जिले की दो शिक्षिकाओं को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से नवाजा जाएगा। शासकीय प्राथमिक शाला सेमरा, विकासखंड पुसौर में पदस्थ श्रीमती ओमकुमारी पटेल और श्रीमती आरती साहू का चयन शिक्षक सम्मान के लिए किया गया है। दोनों शिक्षिकाओं को 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल के हाथों सम्मानित किया जाएगा।

दोनों शिक्षिकाओं के चयन की घोषणा वर्ष 2025 में शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए की गई थी। गतिविधि आधारित शिक्षण, नवाचार, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के लिए किए गए उनके प्रयासों ने उन्हें राज्य स्तरीय सम्मान का हकदार बनाया है।

नवाचार और समर्पण की मिसाल हैं ओमकुमारी पटेल

श्रीमती ओमकुमारी पटेल ने 27 जून 2009 को शिक्षक के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी। उनकी पहली पदस्थापना प्राथमिक शाला हिरीं, सारंगढ़ में हुई। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने गतिविधि आधारित शिक्षण, शिक्षण-अधिगम सामग्री और नवाचारी तरीकों के जरिए बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ाने पर जोर दिया।

वर्ष 2013 में शासकीय प्राथमिक शाला शंकरपाली, पुसौर में पदस्थापना के बाद उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ सामुदायिक सहभागिता को भी अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाया। उनके मार्गदर्शन में सत्र 2019-20 में विद्यार्थी निखिल साहू का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए हुआ।

कोरोना संक्रमण के चुनौतीपूर्ण दौर में भी उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से बच्चों की पढ़ाई जारी रखी और उन्हें डिजिटल शिक्षा से जोड़ा। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट और नवाचारी कार्यों के लिए उन्हें वर्ष 2020 में ‘शिक्षा दूत पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।

विद्यालय विकास को सामाजिक जिम्मेदारी मानते हुए उन्होंने समुदाय के सहयोग से हरित परिसर, स्वच्छता अभियान और विद्यालय उन्नयन के कई कार्य किए। जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन जैसी चुनौतियों के बीच बच्चों की शिक्षा जारी रखने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वर्तमान में श्रीमती ओमकुमारी पटेल शासकीय प्राथमिक शाला सेमरा, विकासखंड पुसौर में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं।

माताओं को स्कूल से जोड़कर आरती साहू ने बदली बच्चों की पढ़ाई

श्रीमती आरती साहू ने 30 जून 2009 को शिक्षक के रूप में अपनी सेवा शुरू की। स्नातकोत्तर (वाणिज्य), छत्तीसगढ़ी भाषा, बीएड और केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा की योग्यता रखने वाली श्रीमती साहू वर्तमान में शासकीय प्राथमिक विद्यालय सेमरा में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं।

बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए वे शिक्षण-अधिगम सामग्री के साथ विभिन्न रचनात्मक और गतिविधि आधारित तरीकों का इस्तेमाल करती हैं। इसके अलावा वे विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय विद्यालय और एकलव्य विद्यालय जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराती हैं।

खेलकूद, योग-व्यायाम, स्वच्छता, नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए वे बच्चों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान देती हैं।

‘माता उन्मुखी कार्य’ बना खास पहल

आरती साहू की प्रमुख पहल ‘माता उन्मुखी कार्य’ रही है। उनका मानना है कि शिक्षक की सबसे बड़ी उपलब्धि उसके सफल विद्यार्थी होते हैं और बच्चों की सफलता में माताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।

इसी सोच के साथ उन्होंने घर-घर संपर्क कर बच्चों के लिए लर्निंग कॉर्नर तैयार करवाए और माताओं को विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा।

माताओं को कहानी सुनाने, शिक्षण सामग्री तैयार करने, स्थानीय त्योहारों को मिलकर मनाने और समर कैंप जैसी गतिविधियों में शामिल किया गया। इससे बच्चों की पढ़ाई में माताओं की भागीदारी बढ़ी और विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में भी सुधार देखने को मिला।

समर कैंप के माध्यम से बच्चों को हर साल विभिन्न गतिविधियों के साथ व्यावसायिक शिक्षा से भी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

रायगढ़ के लिए भी गौरव का अवसर

ओमकुमारी पटेल और आरती साहू दोनों का उद्देश्य बच्चों को रोचक, गुणवत्तापूर्ण और नवाचारी शिक्षा उपलब्ध कराते हुए उनका सर्वांगीण विकास करना है। शिक्षक दिवस पर राज्यपाल के हाथों मिलने वाला यह सम्मान उनके समर्पण, नवाचार और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की पहचान है।

दोनों शिक्षिकाओं का राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान रायगढ़ जिले के लिए भी गौरव का विषय है।

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