मिशन संडे पहुंचा जमीनी हकीकत पर – सड़क अधूरी, सफाई बदहाल

खैरागढ़ : कांग्रेस विधायक यशोदा वर्मा के निर्देश पर रविवार की सुबह जब अधिकांश लोग छुट्टी के सुकून में होते हैं, तब मिशन संडे की टीम ने धरमपुरा वार्ड क्रमांक 11 की गलियों की ओर रुख किया। यह सिर्फ एक दौरा नहीं था बल्कि उन आवाज़ों को सुनने की कोशिश थी जो बरसों से अनसुनी रही हैं। कच्ची पगडंडियों और अधूरी सड़कों से गुजरते हुए टीम ने निचले और पिछड़े तबके के लोगों की व्यथा को नज़दीक से महसूस किया। वार्ड की सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने जैसे ही अपनी पीड़ा साझा की वातावरण में दबी हुई नाराजगी और उपेक्षा की टीस महसूस होने लगी। महिलाओं की आंखों में आक्रोश कम पर वेदना अधिक थी। एक महिला ने कहा कचरा महीनों से पड़ा रहता है कोई नहीं उठाने आता। न शौचालय है, न साफ़ सफाई। क्या हम इंसान नहीं हैं?

नगरपालिका द्वारा बनाए गए अधूरे डामरीकरण पर भी लोगों का रोष स्पष्ट था। 29 लाख की लागत से बनी अधूरी सड़क की वजह से लोग अब भी कीचड़ और झाड़ियों से जूझ रहे हैं। झाड़ियों ने रास्ता बंद कर दिया है, और नाली के ऊपर यदि एक सीमेंट का पाइप ही रख दिया जाए, तो कम से कम एक सीधा रास्ता तो मिल जाए – लेकिन शायद सुनने वाला कोई नहीं। सबसे करारा कटाक्ष उन पार्षदों पर था, जिन्हें लोगों ने उम्मीद से चुना था। एक महिला ने भावुक होकर कहा, “हमने जिन्हें जिताया, वही अब हमारी गलियों में नहीं आते। उनकी परछाईं तक नहीं दिखती, सिवाय चुनाव के समय के, इस पीड़ा को जब मिशन संडे के संयोजक और विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने सुना, तो उन्होंने तत्काल नगर पालिका के सीएमओ नरेश वर्मा से फोन पर बात कर स्थिति से अवगत कराया।

लोगों की बात सिर्फ सुनी नहीं गई, बल्कि उस पर प्रतिक्रिया भी दी गई। यह संवेदना रंग लाई पालिका के अधिकारी और कर्मचारी खुद मौके पर पहुंचे। गंदगी हटाने के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई, झाड़ियों की सफाई शुरू हुई, और अधूरी सड़क को जल्द पूरा करने का भरोसा भी दिलाया गया। महिलाओं को सार्वजनिक शौचालय की सुविधा शीघ्र दिलाने का आश्वासन दिया गया। नेताप्रतिपक्ष दीपक देवांगन ने कहा की हम लगातार शहर के विभिन्न वार्डो मे जाकर नगर पालिका द्वारा बुनियादी सुविधाओं दिए जाने के संबंध में निरीक्षण करेंगे और नगर पालिका प्रशासन को आईना दिखाने का काम करेंगे। इस जन-सुनवाई में नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन, पार्षद दिलीप लहरें, पूरन सारथी, भूपेंद्र वर्मा, भारत चंद्राकर, रविंद्र सिंह गहरवार, सूर्यकांत यादव, महेश यादव, शेखर दास वैष्णव, नरेश सिन्हा सहित मिशन संडे की पूरी टीम मौजूद रही। धरमपुरा की यह सुबह दिखाती है कि अगर कोई सुनने वाला हो, तो चुप्पी टूटती है, और जहां संवाद होता है, वहीं बदलाव की शुरुआत भी होती है।

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