इस्तीफों और संगठनात्मक कार्रवाई के बाद डोंगरगढ़ BJP में नई शुरुआत, सामने आई नई मंडल टीम

डोंगरगढ़: भाजपा के डोंगरगढ़ शहर मंडल में संगठनात्मक विवाद और सामूहिक इस्तीफों के बाद अब नई टीम सामने आ गई है। सौमित्र सोनी को शहर मंडल अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि विनय बंसल और अमित बोस को महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 23 सितंबर को नई नियुक्तियों की जानकारी सामने आई।
नई टीम का गठन ऐसे समय हुआ है, जब पिछले दो महीनों में डोंगरगढ़ भाजपा में सामूहिक इस्तीफे, मंडल इकाई का विघटन और पांच कार्यकर्ताओं के निष्कासन जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
111 इस्तीफों से शुरू हुआ था घटनाक्रम
27 जुलाई 2026 को डोंगरगढ़ शहर मंडल के 111 कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफे की घोषणा की थी। इस्तीफा देने वालों में मंडल, जिला और प्रदेश स्तर के वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारी, पूर्व पार्षद, बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रभारी और सक्रिय कार्यकर्ता शामिल थे।
इसके बाद करीब 25-26 और कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबर सामने आई। इस तरह कुल इस्तीफों की संख्या 136 तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई थी।
6 अगस्त को मंडल इकाई हुई थी भंग
लगातार सामने आए संगठनात्मक विवाद के बीच 6 अगस्त को प्रदेश संगठन ने डोंगरगढ़ शहर मंडल इकाई को भंग कर दिया था। इसके साथ ही प्रिंस कक्कड़, अनिल पांडेय, वीरेंद्र साहू, संतोष राव और परविंदर सिंह मोंटी को पार्टी से निष्कासित किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
इसके बाद नए सिरे से मंडल के गठन की प्रक्रिया शुरू हुई और अब नई टीम की घोषणा कर दी गई है।

सौमित्र सोनी को मिली अध्यक्ष की जिम्मेदारी
नई व्यवस्था में सौमित्र सोनी को डोंगरगढ़ शहर मंडल अध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ विनय बंसल और अमित बोस महामंत्री के तौर पर संगठन में जिम्मेदारी संभालेंगे। नियुक्तियों के संबंध में प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक यह फैसला प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर किया गया है।
सौमित्र सोनी के सामने अब मंडल स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को दोबारा सक्रिय करने की जिम्मेदारी होगी। वहीं महामंत्री के तौर पर विनय बंसल और अमित बोस की भूमिका संगठन के कार्यक्रमों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय में महत्वपूर्ण रहेगी।
नई टीम के सामने संगठन को सक्रिय करने की चुनौती
डोंगरगढ़ भाजपा में पिछले कुछ समय के घटनाक्रम के बाद नई टीम के सामने सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में संगठनात्मक समन्वय और बूथ स्तर पर गतिविधियों को गति देना शामिल रहेगा।
सामूहिक इस्तीफों के बाद मंडल इकाई का पुनर्गठन हो चुका है। अब नई टीम के सामने संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी होगी।
इस तरह 27 जुलाई के सामूहिक इस्तीफों से शुरू हुए घटनाक्रम के बाद अब डोंगरगढ़ भाजपा में नई मंडल टीम का गठन हो गया है। आगे संगठन किस तरह काम करता है और पुराने घटनाक्रम के बाद कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय कैसे आगे बढ़ता है, इस पर नजर रहेगी।







