आज है भीष्म अष्टमी, बन रहे कई मंगलकारी योग

पंचांग के अनुसार, आज यानी 26 जनवरी को भीष्म अष्टमी मनाई जा रही है। यह दिन महाभारत के महान योद्धा भीष्म पितामह को समर्पित है। इस अवसर पर स्नान, तर्पण और दान का विशेष महत्व है। इससे पितृ दोष की समस्या दूर होती है। भीष्म अष्टमी के दिन कई योग भी बन रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं आज का पंचांग के बारे में।
तिथि: शुक्ल अष्टमी
मास पूर्णिमांत: माघ
दिन: सोमवार
संवत्: 2082
तिथि: शुक्ल अष्टमी – रात्रि 09 बजकर 17 मिनट तक
योग: साध्य – प्रातः 09 बजकर 11 मिनट तक
योग: शुभ – 27 जनवरी को प्रातः 06 बजकर 20 मिनट तक
करण: विष्टि – प्रातः 10 बजकर 16 मिनट तक
करण: बव – रात्रि 09 बजकर 17 मिनट तक
सूर्यास्त का समय: सायं 05 बजकर 55 मिनट पर
चंद्रोदय का समय: प्रातः 11 बजकर 31 मिनट पर
चंद्रास्त का समय: 27 जनवरी को रात्रि 01 बजकर 30 मिनट पर
अमृत काल: 27 जनवरी को प्रातः 06 बजकर 37 मिनट से 08 बजकर 08 मिनट तक
आज के अशुभ समयराहुकाल: प्रातः 08 बजकर 33 मिनट से प्रातः 09 बजकर 53 मिनट तक
गुलिकाल: दोपहर 01 बजकर 54 मिनट से दोपहर 03 बजकर 15 मिनट तक
यमगण्ड: प्रातः 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक
अश्विनी नक्षत्र: दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक
सामान्य विशेषताएं: सुंदर व्यक्तित्व, आभूषण-प्रिय, तेज बुद्धि, निपुण, यात्राप्रिय, स्वस्थ, जोशीले, नेतृत्व क्षमता, खेल-प्रिय, अधीर, आक्रामक और क्रोधी
शासक ग्रह: केतु देव
राशि स्वामी: मंगल देव
देवता: अश्विनी कुमार
प्रतीक: घोड़े का सिर
- प्रातः काल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
- पितामह भीष्म का ध्यान कर तिल, कुशा और जल से तर्पण करें
- पितरों के निमित्त श्राद्ध या तर्पण करें
- ब्राह्मण या जरूरतमंद को अन्न, वस्त्र अथवा तिल का दान करें
- इस दिन सत्य, संयम और धर्म के पालन का संकल्प लें
- महाभारत के शांति पर्व या भीष्म स्तुति का पाठ करें
- व्रत रखकर सात्विक भोजन करें







