1 या 2 अप्रैल, हनुमान जयंती की डेट को लेकर न हों परेशान, जानिए किस दिन मनेगा जन्मोत्सव?

दिक पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जयंती का पर्व बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा के दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। इस खास अवसर पर बजरंगबली की पूजा-अर्चना करने का विधान है।
हनुमान जी की साधना करने से जीवन के सभी संकटों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि कब मनाई जाएगी हनुमान जयंती ।
हनुमान जयंती 2026 डेट एंड शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 01 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 06 मिनट पर होगी और इसका समापन 02 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 41 मिनट पर होगा। ऐसे में हनुमान जयंती का पर्व 02 अप्रैल को मनाया जाएगा।
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 48 मिनट से 05 बजकर 24 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 20 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 38 मिनट से 07 बजकर 01 मिनट तक
अमृत काल- सुबह 11 बजकर 18 मिनट से 12 बजकर 59 मिनट तक
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय का समय- प्रातः 06 बजकर 10 मिनट
सूर्यास्त का समय- सायं 06 बजकर 39 मिनट
चंद्रोदय का समय- सायं 07 बजकर 07 मिनट
चंद्रास्त का समय- चन्द्रास्त नहीं
हनुमान जयंती पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े धारण करें।
- मंदिर की सफाई करें और चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाएं।
- अब हनुमान जी की मूर्ति विराजमान करें।
- गंगाजल से मूर्ति को शुद्ध करें।
- इसके बाद अक्षत, रोली, चंदन और जनेऊ अर्पित करें।
- दीपक जलाकर आरती करें।
- मंत्रों का जप करें।
- कथा का पाठ करें।
- हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करें।
- फल और लड्डू का भोग लगाएं।
- लोगों में प्रसाद बांटें।
हनुमान जयंती पूजा सामग्री लिस्ट
- हनुमान जी की तस्वीर या मूर्ति
- जनेऊ
- अक्षत
- फल
- माला
- गाय का घी
- दीपक
- चमेली का तेल
- धूप
- अगरबत्ती
- हनुमान चालीसा
- लाल फूल
- सिंदूर
- पान का बीड़ा
- शंख
- घंटी, लाल लंगोट
- लौंग
- मोतीचूर के लड्डू आदि।
इन बातों का रखें ध्यान ध्यान
- किसी से वाद-विवाद न करें।
- तामसिक भोजन का सेवन न करें।
- किसी के बारे में गलत न सोचें।
- काले रंग के कपड़े धारण न करें।
- घर में सफाई का ध्यान रखें।







