राम मंदिर में चढ़ावे की रकम पर नजर! CCTV में 85 बार कैद हुआ आरोपी, पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट

अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़ी कथित चोरी के मामले में पुलिस ने फैजाबाद जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस की ओर से दाखिल 73,480 पन्नों की चार्जशीट में जांच के दौरान जुटाए गए CCTV फुटेज, डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों का उल्लेख किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान चढ़ावे की रकम से जुड़ी 105 घटनाओं के CCTV फुटेज सामने आए हैं। इनमें आरोपी अविनाश शुक्ला उर्फ सनी कथित तौर पर 85 बार चढ़ावे की रकम हटाते हुए कैमरे में दिखाई दिया है।
8 आरोपियों के खिलाफ सबूत पेश
चार्जशीट में पुलिस ने कुल 8 आरोपियों के खिलाफ सबूत पेश किए हैं। जांच के दौरान 173 गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। इनमें राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को भी गवाह बनाया गया है।
CCTV में नोटों की गड्डियां छिपाने का दावा
पुलिस के अनुसार, चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 4 जून 2026 को सामने आया था। उस दिन काउंटिंग रूम में एक कर्मचारी ने कथित तौर पर कुछ कर्मचारियों को चढ़ावे की रकम छिपाते देखा।
बताया गया है कि कर्मचारी आनंद चौधरी ने इसकी जानकारी तत्कालीन ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को दी और एक वीडियो भी भेजा। पुलिस के मुताबिक, वीडियो में कुछ कर्मचारी अपनी कमर में नोटों की गड्डियां छिपाते नजर आए थे।
मोबाइल और बैंक खातों से भी जुटाए गए साक्ष्य
पुलिस के मुताबिक, घटना के समय चंपत राय अयोध्या में मौजूद नहीं थे। अगले दिन 5 जून को उन्होंने अनिल मिश्रा, गोपाल राव और डॉ. नरेंद्र के साथ CCTV फुटेज देखे। इसके बाद मंदिर परिसर में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग को खंगाला गया।
जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्य, CCTV रिकॉर्डिंग, गवाहों के बयान, बैंक खातों में जमा नकदी, संपत्ति खरीद से जुड़े दस्तावेज और बरामदगी को भी केस का हिस्सा बनाया गया है।
आरोपियों की जमानत पहले हो चुकी है खारिज
इस मामले में आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे की जमानत याचिकाएं हाल ही में अदालत ने खारिज कर दी थीं। 22 सितंबर को हुई सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीनों की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी।
आरोपियों के वकील कुल शेखर सिंह के मुताबिक, जमानत के लिए अब हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी है।







