इटली में स्कूलों को लेकर मेलोनी का बड़ा प्रस्ताव, विदेशी छात्रों और बुर्का-नकाब पर नए नियम

रोम : इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों को लेकर तीन बड़े प्रस्तावों का ऐलान किया है। इनमें हर कक्षा में विदेशी छात्रों की संख्या की अधिकतम सीमा तय करना, कुछ विदेशी छात्रों के माता-पिता के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य करना और स्कूलों में बुर्का व नकाब पर रोक लगाना शामिल है।
मेलोनी ने रविवार को रोम में अपनी पार्टी ‘ब्रदर्स ऑफ इटली’ की युवा शाखा के कार्यक्रम में इन प्रस्तावों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द ही सरकार के समक्ष एक प्रस्ताव लाया जाएगा। हालांकि, फिलहाल ये प्रस्ताव हैं और कानून बनने के लिए इन्हें आगे की संवैधानिक प्रक्रिया से गुजरना होगा।
मेलोनी के तीन बड़े प्रस्ताव
1. हर कक्षा में विदेशी छात्रों की संख्या की सीमा
मेलोनी ने कहा कि स्कूलों की प्रत्येक कक्षा में विदेशी छात्रों की अधिकतम संख्या कानूनी तौर पर तय की जाएगी। हालांकि, उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह अधिकतम संख्या या प्रतिशत कितना होगा। इटली में पहले से विदेशी विद्यार्थियों की संख्या को लेकर 30 प्रतिशत की सीमा संबंधी नियम मौजूद है, लेकिन उसके क्रियान्वयन और नए प्रस्ताव के बीच अंतर स्पष्ट होना अभी बाकी है।
2. कुछ विदेशी छात्रों के माता-पिता को सीखनी होगी इतालवी
प्रस्ताव के तहत ऐसे विदेशी छात्रों के माता-पिता के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य किया जाएगा, जिनके बच्चों को स्कूल व्यवस्था में गंभीर रूप से घुलने-मिलने में कठिनाई हो रही है। मेलोनी ने इसे स्कूलों में बेहतर एकीकरण से जोड़ते हुए अपनी सरकार की नीति का हिस्सा बताया है।
3. स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक
मेलोनी ने स्कूलों में चेहरे को ढकने वाले बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भी रखा है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इटली आने और वहां भविष्य बनाने की इच्छा रखने वाले लोगों को इतालवी भाषा सीखनी चाहिए, संस्कृति को समझना चाहिए और देश के नियमों का सम्मान करना चाहिए।
मेलोनी ने हिजाब का नाम इस घोषणा में नहीं लिया। बुर्का पूरे शरीर और चेहरे को ढकता है, जबकि नकाब चेहरे को ढकता है और आम तौर पर आंखें दिखाई देती हैं। हिजाब मुख्य रूप से बाल और गर्दन को ढकता है, चेहरा खुला रहता है।
अभी कानून नहीं बना, संसद की मंजूरी जरूरी
मेलोनी ने जिस प्रस्ताव की घोषणा की है, उसे पहले सरकार के स्तर पर आगे बढ़ाया जाना है। सरकार की मंजूरी के बाद इसे कानून का रूप देने के लिए संसद की मंजूरी जरूरी होगी। मौजूदा रिपोर्टों के मुताबिक, सरकारी मंजूरी के बाद प्रस्ताव को 60 दिनों के भीतर संसदीय स्वीकृति की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
अगले साल आम चुनाव, प्रवासन अहम मुद्दा
मेलोनी की सरकार इटली में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे लंबे समय तक लगातार चलने वाली सरकार बन चुकी है। वहीं, 2027 में इटली में आम चुनाव होने हैं। प्रवासन, राष्ट्रीय पहचान और स्कूलों में एकीकरण जैसे मुद्दे वहां राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं। मेलोनी की ताजा घोषणा भी इसी व्यापक बहस के बीच सामने आई है।
यूरोप के कई देशों में चेहरे को ढकने वाले परिधानों को लेकर अलग-अलग नियम पहले से लागू हैं। फ्रांस, बेल्जियम, डेनमार्क और ऑस्ट्रिया समेत कई देशों ने सार्वजनिक स्थानों या विशेष संस्थानों में चेहरे को ढकने पर विभिन्न स्तरों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इटली में प्रस्तावित नियम फिलहाल स्कूलों पर केंद्रित है और इसके अंतिम स्वरूप पर आगे की विधायी प्रक्रिया में तस्वीर स्पष्ट होगी।







