यूक्रेन ने रूस पर बरसाए 1,000 से अधिक ड्रोन, मॉस्को पर अब तक का सबसे बड़ा हमला

मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में रविवार को एक बार फिर ड्रोन हमलों ने तनाव बढ़ा दिया। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, यूक्रेन की ओर से रातभर में रूस के अलग-अलग हिस्सों को निशाना बनाकर 1,000 से ज्यादा ड्रोन भेजे गए। इनमें बड़ी संख्या में ड्रोन मॉस्को की ओर बढ़े। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने इसे राजधानी पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला बताया।
हमले में मॉस्को ऑयल रिफाइनरी और एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के अनुसार, हमले में दो लोगों की मौत और 20 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 74 वर्षीय एक व्यक्ति और 44 वर्षीय महिला शामिल हैं।
मॉस्को की ओर आए 450 ड्रोन
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने कहा कि राजधानी की ओर बढ़ रहे करीब 450 ड्रोन को नष्ट किया गया। उनके मुताबिक, कुछ ड्रोन मॉस्को ऑयल रिफाइनरी परिसर तक पहुंच गए, जबकि एक रिहायशी इमारत भी प्रभावित हुई।
सोबयानिन ने इस हमले को ‘अभूतपूर्व’ बताते हुए आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य रूस में चल रहे संसदीय चुनाव के अंतिम दिन मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करना था। उन्होंने दावा किया कि इस कोशिश को नाकाम कर दिया गया।
रूस का दावा- 1,100 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने देशभर में 1,100 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट किए। मंत्रालय के मुताबिक, इनमें रूस के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा क्रीमिया और काला सागर के ऊपर उड़ रहे ड्रोन भी शामिल थे।
वहीं, मॉस्को के मेयर ने शनिवार से राजधानी की दिशा में आने वाले ड्रोन समेत 1,600 से अधिक ड्रोन इंटरसेप्ट किए जाने की बात कही है। अलग-अलग रूसी अधिकारियों द्वारा बताए गए आंकड़ों में यह अंतर रिपोर्ट किए गए समय और क्षेत्र के दायरे से जुड़ा हो सकता है।
जेलेंस्की ने बताया तेल और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को निशाना
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि हमलों में विभिन्न प्रकार के ड्रोन और यूक्रेन में निर्मित फ्लेमिंगो व पेलिकन मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। उनके मुताबिक, हमलों में तेल और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
जेलेंस्की ने इन हमलों को रूस की युद्ध क्षमता और उससे जुड़ी आर्थिक संरचनाओं पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में पेश किया।
रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन हमला
यह बड़ा ड्रोन हमला ऐसे समय हुआ, जब रूस में तीन दिवसीय संसदीय चुनाव का अंतिम दिन चल रहा था। यह 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर रूसी हमले के बाद पहला संसदीय चुनाव है। AP के अनुसार, चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों के विरोध की राजनीतिक मौजूदगी बेहद सीमित रही है।
रूस ने यूक्रेन के उन चार क्षेत्रों में भी मतदान कराया, जिन्हें मॉस्को ने अपने में मिलाने का दावा किया है। इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर रूस का पूर्ण नियंत्रण नहीं है। इसके अलावा 2014 में रूस द्वारा कब्जाए गए क्रीमिया में भी मतदान कराया गया। यूक्रेन ने इन क्षेत्रों में रूसी चुनाव कराने को अवैध बताया है।
हमले के बीच जारी रही चुनाव प्रक्रिया
रूसी अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन हमले के बावजूद चुनाव प्रक्रिया को रोकने की कोशिश सफल नहीं हुई। दूसरी ओर, यूक्रेन की ओर से इन हमलों के संबंध में तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में दोनों पक्ष लगातार ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाएं भी हमलों का प्रमुख निशाना बन रही हैं।







