अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन पर सालों से खामोशी, हाईकोर्ट ने सक्षम अधिकारी को दिया 40 दिन का समय

बिलासपुर :  जल संसाधन विभाग के एक मृत कर्मचारी की बहू की अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। कोर्ट ने संबंधित सक्षम अधिकारी को 28 नवंबर 2020 को प्रस्तुत आवेदन पर 40 दिन के भीतर नियमानुसार निर्णय लेने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

दरअसल, जल संसाधन विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी की वर्ष 2017 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनकी बहू शांति बाई यादव ने आश्रित परिवार के सदस्य के रूप में अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिए जाने के लिए 28 नवंबर 2020 को आवेदन प्रस्तुत किया था।

याचिका के अनुसार, निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन किए जाने के बावजूद उस पर लंबे समय तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। करीब छह साल तक आवेदन लंबित रहने के बाद शांति बाई यादव ने हाईकोर्ट का रुख किया।

याचिका में क्या कहा गया?

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि वह मृत कर्मचारी की आश्रित परिवार की सदस्य हैं और नियमानुसार अनुकंपा नियुक्ति के लाभ की हकदार हैं। उनका आवेदन निर्धारित समयावधि के भीतर प्रस्तुत किया गया था, लेकिन विभाग की ओर से अब तक उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष आवेदन लंबित होने और उस पर फैसला नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया।

राज्य ने कोर्ट में क्या कहा?

राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता अनिल पांडेय ने कोर्ट को बताया कि यदि 28 नवंबर 2020 का आवेदन अभी कार्यपालन अभियंता अथवा सक्षम अधिकारी के समक्ष लंबित है, तो उस पर नियमानुसार विचार करते हुए निर्णय लिया जाएगा।

राज्य की ओर से दी गई इस सहमति के बाद हाईकोर्ट ने मामले के मूल गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना संबंधित सक्षम अधिकारी को आवेदन पर 40 दिन के भीतर नियमानुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया।

इस तरह अब शांति बाई यादव के वर्ष 2020 से लंबित अनुकंपा नियुक्ति आवेदन पर विभागीय स्तर पर निर्धारित समयसीमा में फैसला लिया जाना है।

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