नवा रायपुर: मंत्रालय स्टाफ बस में आग के बाद बड़ा सवाल- क्या बसों की फिटनेस जांच सिर्फ कागजों तक?

रायपुर : नवा रायपुर में मंत्रालय स्टाफ बस में आग लगने की घटना के बाद कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में कर्मचारी मंत्रालय के बाहर जुटे और स्टाफ बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। कर्मचारियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही सभी स्टाफ बसों की फिटनेस और तकनीकी स्थिति की जांच कराने की मांग की है।

पुरानी और कंडम बसों को लेकर कर्मचारियों के आरोप

कर्मचारियों का आरोप है कि मंत्रालय के स्टाफ को लाने-ले जाने के लिए संचालित कई बसें काफी पुरानी और खराब स्थिति में हैं। उनका कहना है कि बसों की स्थिति को लेकर पहले भी अधिकारियों को कई बार शिकायत की जा चुकी है।

कर्मचारियों के मुताबिक, कई बार मंत्रालय जाते समय बसें रास्ते में चार से पांच बार तक बंद हो जाती थीं। ऐसे में स्टाफ बसों की सुरक्षा और नियमित रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नई बसें या नियमित तकनीकी जांच की मांग

कर्मचारियों ने मांग की है कि यदि संभव हो तो स्टाफ के लिए नई बसों की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा मौजूदा बसों की नियमित फिटनेस और तकनीकी जांच सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है।

कर्मचारियों का कहना है कि केवल फिटनेस प्रमाणपत्र पर्याप्त नहीं है, बल्कि बसों की वास्तविक तकनीकी स्थिति की भी नियमित जांच जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

‘पहले भी होती रही हैं छोटी-मोटी घटनाएं’

कर्मचारियों का कहना है कि स्टाफ बस में आग लगने की यह घटना अचानक सामने आई समस्या नहीं है। संघ की ओर से पहले भी बसों की स्थिति को लेकर अधिकारियों को अवगत कराया जाता रहा है।

कर्मचारियों के मुताबिक, इन बसों में पहले भी छोटी-मोटी घटनाएं होती रही हैं और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में थी। इसी वजह से अब कर्मचारी बसों की फिटनेस जांच की प्रक्रिया पर भी सवाल उठा रहे हैं।

उनका सवाल है कि परिवहन विभाग की ओर से बसों की फिटनेस जांच की जाती है, लेकिन यह जांच केवल औपचारिकता तक सीमित है या बसों का वास्तव में तकनीकी परीक्षण किया जाता है।

जांच कमेटी में कौन-कौन होगा शामिल?

घटना की जिम्मेदारी तय करने के लिए कमेटी गठित किए जाने की बात सामने आई है। बताया गया है कि कमेटी में मंत्रालय के कर्मचारियों के साथ NRDA, नगर निगम के अधिकारी, बस ऑपरेटर और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।

कर्मचारी संघ के साथ कमेटी की बैठक भी प्रस्तावित है। बैठक में बस में आग लगने की घटना की परिस्थितियों की समीक्षा के साथ जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने पर चर्चा होगी।

कर्मचारियों की मांग है कि जांच के बाद ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में स्टाफ बसों में इस तरह की घटना दोबारा न हो और कर्मचारियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

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