तखतपुर में दर्दनाक हादसा: खेत की रखवाली करने गए किसान की करंट से मौत

तखतपुर :धान की फसल को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए खेत की रखवाली करने निकले एक किसान की कथित तौर पर खेत के आसपास लगाई गई विद्युत फेंसिंग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना तखतपुर क्षेत्र के ग्राम पेंड्री से सामने आई है। हादसे ने खेतों में जानलेवा तरीके से लगाए जाने वाले विद्युत तारों की सुरक्षा और हादसे के बाद हुई कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतक की पहचान गंगाराम कोल, निवासी ग्राम पेंड्री के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक गंगाराम चनाडोंगरी क्षेत्र में अपने खेत की फसल की रखवाली करने गया था। बताया जा रहा है कि रात करीब 7 बजे वह अपने खेत से लगे दूसरे किसान के खेत में मवेशियों को रोकने के लिए लगाए गए विद्युत तार की चपेट में आ गया। करंट का झटका इतना तेज था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

आवाज लगाने पर नहीं मिला जवाब, देखने पहुंचे साथी किसान

प्रत्यक्षदर्शी किसान महेंद्र कौशिक के मुताबिक, दोनों किसान अलग-अलग जगहों पर फसल की रखवाली कर रहे थे। जब उन्होंने गंगाराम को आवाज लगाई और कोई जवाब नहीं मिला तो वह उसे देखने के लिए वहां पहुंचे।

महेंद्र के अनुसार, मौके पर पहुंचते ही उन्हें भी करंट का झटका महसूस हुआ। किसी तरह आगे बढ़ने पर उन्होंने गंगाराम को जमीन पर अचेत पड़ा देखा। बताया गया कि उसके पैरों में विद्युत तार लिपटा हुआ था।

इसके बाद महेंद्र ने घटना की जानकारी अपने बड़े भाई को दी। फिर कोटवार के माध्यम से तखतपुर थाने को सूचना दी गई।

रात में पहुंची पुलिस, सुबह फिर शुरू हुई कार्रवाई

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस टीम रात में घटनास्थल का जायजा लेने के बाद वापस लौट गई और शव पूरी रात खेत में ही पड़ा रहा। सुबह तखतपुर पुलिस दोबारा घटनास्थल पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई शुरू की।

इस घटनाक्रम को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि यदि घटनास्थल पर विद्युत प्रवाह मौजूद था, तो उसे तत्काल बंद कराने और घटनास्थल को सुरक्षित करने के लिए क्या कदम उठाए गए।

खेत में विद्युत फेंसिंग किसने लगाई, जांच का विषय

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल खेत में लगाई गई विद्युत फेंसिंग को लेकर है। यदि जांच में यह फेंसिंग अवैध विद्युत कनेक्शन से संचालित पाया जाता है, तो यह भी पता लगाना होगा कि इसे किसने लगाया था और बिजली की आपूर्ति किस माध्यम से की जा रही थी।

मामले में गुड्डू उर्फ दिलहरन सूर्यवंशी के खेत में विद्युत फेंसिंग और कथित अवैध कनेक्शन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। फेंसिंग किसने लगाई और हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी है, यह पुलिस और बिजली विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

तीन छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

गंगाराम कोल अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य बताया जा रहा है। उसकी मौत के बाद पत्नी और तीन छोटे बच्चों के सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है।

हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस व्यक्ति के सहारे परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी चल रही थी, उसकी अचानक मौत ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है।

हादसे ने खड़े किए कई गंभीर सवाल

इस घटना के बाद सवाल सिर्फ एक किसान की मौत तक सीमित नहीं है। सबसे अहम सवाल यह है कि खेतों में इस तरह जानलेवा विद्युत फेंसिंग कैसे लगाई जा रही है? यदि कनेक्शन अवैध था तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई? और हादसे के बाद विद्युत प्रवाह बंद कराने तथा घटनास्थल को सुरक्षित करने के लिए तत्काल क्या कार्रवाई की गई?

इन सवालों का जवाब पुलिस और बिजली विभाग की जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल हादसे ने खेतों में फसल सुरक्षा के नाम पर लगाए जा रहे विद्युत तारों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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