TET अनिवार्यता से मुक्ति की मांग को लेकर महासमुंद में शिक्षक संघर्ष मोर्चा की विशाल रैली

शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर बुलंद की आवाज, संबंधित अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

महासमुंद :  छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर मंगलवार को महासमुंद में TET मुक्ति रैली एवं ज्ञापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने सहभागिता की। शिक्षकों ने हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर रैली निकाली तथा TET की अनिवार्यता से मुक्ति सहित शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की।

रैली के दौरान शिक्षक समुदाय ने एकजुटता का परिचय देते हुए शासन-प्रशासन से अपनी जायज मांगों पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। रैली शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। शिक्षकों के हाथों में मौजूद तख्तियों के माध्यम से उनकी मांगों और समस्याओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।रैली के उपरांत छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों की ओर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विद्यालयों में विद्यार्थियों के शैक्षणिक, सामाजिक, नैतिक एवं सर्वांगीण विकास में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में शिक्षकों से संबंधित नीतिगत एवं सेवा संबंधी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण किया जाना आवश्यक है।

TET अनिवार्यता से मुक्ति प्रमुख मांग
मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि TET अनिवार्यता से मुक्ति शिक्षकों की प्रमुख मांगों में शामिल है। शिक्षक समुदाय लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहा है। शिक्षकों का कहना है कि उनकी सेवा संबंधी परिस्थितियों, पूर्व में नियुक्त शिक्षकों की स्थिति तथा लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए शासन को संवेदनशीलता के साथ सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान केवल शिक्षक हित में ही नहीं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम होगा। शासन द्वारा शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक पहल किए जाने से शिक्षक समुदाय में विश्वास और उत्साह बढ़ेगा तथा वे और अधिक ऊर्जा एवं समर्पण के साथ अपने शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

शिक्षक एकता और संघर्ष का संदेश
रैली के माध्यम से शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने यह संदेश दिया कि शिक्षक अपनी जायज मांगों के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। पदाधिकारियों ने शासन से आग्रह किया कि शिक्षकों की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।कार्यक्रम में नारायण चौधरी, सुधीर प्रधान, डॉ. पूर्णानंद मिश्रा, सादराम अजय, विजय घृतलहरे, गजेंद्र नायक, अनिल सिंह साव, आरिफ बेग, अरुण प्रधान, डिजेन्द्र कुर्रे, संतलाल चौहान, वारिश कुमार, प्रेमचंद साव, हीराधर साव, नीलाम्बर नायक, पदमुलोचन पटेल सहित विभिन्न पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित शिक्षक समुदाय ने शासन से अपेक्षा व्यक्त की कि TET अनिवार्यता से मुक्ति सहित शिक्षकों की अन्य जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने कहा कि मांगों के निराकरण तक लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।

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