थानों में CCTV पर हाईकोर्ट का बड़ा एक्शन प्लान! 18 महीने की फुटेज सुरक्षित रखना जरूरी, डिलीट हुई तो अफसरों पर कार्रवाई

बिलासपुर : हाईकोर्ट ने थानों में CCTV व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग, पर्याप्त स्टोरेज और पावर बैकअप सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि किसी भी प्रशासनिक या तकनीकी लापरवाही के कारण इलेक्ट्रॉनिक सबूत नष्ट नहीं होना चाहिए। ऐसा होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए।

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन हो सुनिश्चित

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार कम से कम 18 महीने तक फुटेज सुरक्षित रखना जरूरी है। जिले सहित प्रदेश के थानों में यह व्यवस्था सही करने के लिए हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

CCTV फुटेज की मांग को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा था मामला

जीपीएम के गौरेला थाने में नशे के कारोबार के मामले में आरोपी बनवारी लाल गुप्ता समेत चार आरोपियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। आरोपियों का दावा था कि घटना से एक दिन पहले ही पुलिस ने उन्हें थाने में बिठा लिया था। अपने दावे की पुष्टि के लिए उन्होंने 13 से 15 सितंबर 2024 के बीच की थाने की CCTV फुटेज, मोबाइल CDR और टावर लोकेशन उपलब्ध कराने की मांग की।

ट्रायल कोर्ट में पुलिस ने बताया कि 18 महीने की स्टोरेज अवधि पूरी होने के कारण संबंधित CCTV फुटेज सिस्टम से ऑटोमेटिक डिलीट हो चुके हैं।

आरोपियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस थानों में CCTV कैमरे लगाने का उद्देश्य व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। साथ ही, इससे नागरिकों के अधिकारों की भी रक्षा होती है। रिकॉर्ड देखने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि फुटेज उपलब्ध ही नहीं हैं, तो उन्हें प्रस्तुत करने का आदेश नहीं दिया जा सकता। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपियों की याचिका खारिज कर दी।

राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि प्रदेश के 550 थानों में CCTV इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 102.10 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है। जिला स्तरीय निगरानी समितियां हर महीने थानों के CCTV सिस्टम की जांच करेंगी। साथ ही 18 महीने की रिकॉर्डिंग का बैकअप सुरक्षित रखने की व्यवस्था सुनिश्चित कर शासन इसकी रिपोर्ट देगा। हाईकोर्ट ने आदेश की कॉपी मुख्य सचिव और डीजीपी को भेजने के निर्देश दिए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button