नशे के नेटवर्क पर रायपुर पुलिस का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 191 किलो गांजा और ट्रक जब्त

रायपुर: ओडिशा से नागपुर गांजा की बड़ी खेप लेकर जा रहे मोहम्मद लाल और उसके बेटे मोहम्मद रुस्तम को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों ने छह चक्का ट्रक में लोड भारी मशीनरी के नीचे सात बोरियों में 191.525 किलोग्राम गांजा छिपा रखा था, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने करीब एक करोड़ 20 लाख रुपये कीमत का गांजा, तस्करी में इस्तेमाल ट्रक और उसमें लदी हैवी मशीनरी जब्त की है। कमिश्नरेट रायपुर में अब तक पकड़ी गई यह गांजा की सबसे बड़ी खेप बताई जा रही है। पुलिस अब इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की एंड-टू-एंड जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी मोहम्मद लाल मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले का रहने वाला है, जबकि वर्तमान में पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में परिवार के साथ रहता है। उसका 19 वर्षीय बेटा मोहम्मद रुस्तम भी इस तस्करी में शामिल था। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने ओडिशा के सुहेला क्षेत्र से गांजा लेकर नागपुर पहुंचाने की बात स्वीकार की है।

एक महीने से चल रही थी निगरानी

पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और तेलीबांधा थाना पुलिस पिछले करीब एक महीने से इस नेटवर्क पर नजर रखे हुए थी। तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और तस्करों के आवाजाही के रूट पर लगातार नजर रखने के बाद पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि ओडिशा से एक ट्रक में बड़ी मात्रा में गांजा रायपुर होते हुए नागपुर ले जाया जा रहा है।

अग्रसेन धाम के पास घेराबंदी कर पकड़ा ट्रक

सूचना मिलते ही पुलिस ने लाभांडी स्थित अग्रसेन धाम के आगे सर्विस रोड पर नाकेबंदी कर दी। कुछ देर बाद पश्चिम बंगाल नंबर WB-23-G-1390 का छह चक्का अशोक लीलैंड ट्रक वहां पहुंचा। पुलिस ने ट्रक को रोककर चालक और उसके साथ बैठे युवक से पूछताछ की। दोनों ने अपना नाम मोहम्मद लाल और मोहम्मद रुस्तम बताया तथा रिश्ते में पिता-पुत्र होना स्वीकार किया।

हैवी मशीनरी के बीच छिपाई थी सात बोरियां

पहली नजर में ट्रक में सिर्फ भारी मशीनरी लोड दिखाई दी। पुलिस को भी शुरुआत में कुछ संदिग्ध नहीं मिला, लेकिन टीम ने बारीकी से तलाशी जारी रखी। जांच के दौरान मशीनों के नीचे और उनके बीच छिपाकर रखी गई सात बोरियां बरामद हुईं। जब बोरियां खोली गईं तो उनमें अलग-अलग पैकेटों में भरा 191.525 किलोग्राम गांजा मिला। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे, लेकिन साक्ष्यों के सामने उनकी एक नहीं चली।

25 साल से ट्रांसपोर्ट का कारोबार, उसी की आड़ में तस्करी

पुलिस जांच में सामने आया है कि मोहम्मद लाल करीब 25 वर्षों से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़ा है। वह कोलकाता से विभिन्न प्रकार का सामान लेकर ओडिशा, छत्तीसगढ़ होते हुए मुंबई तक परिवहन करता था। पुलिस को आशंका है कि ट्रांसपोर्ट कारोबार की आड़ में लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही थी। इस बार भी ट्रक में लदी भारी मशीनरी का इस्तेमाल गांजा छिपाने के लिए किया गया था, ताकि जांच एजेंसियों की नजर से बचा जा सके।

पूरे नेटवर्क की होगी जांच

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ तेलीबांधा थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की एंड-टू-एंड जांच की जा रही है। ओडिशा से गांजा उपलब्ध कराने वाले सप्लायर, रास्ते में सहयोग करने वाले लोगों और नागपुर में खेप लेने वाले तस्करों की पहचान की जा रही है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई और लोगों की गिरफ्तारी होने की संभावना है।

रायपुर पुलिस के अनुसार, कमिश्नरेट क्षेत्र में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट अब तक एनडीपीएस एक्ट के 62 मामलों में 152 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इन मामलों में गांजा, एमडीएमए, कोकीन, हेरोइन, ब्राउन शुगर, अफीम सहित पांच करोड़ रुपये से अधिक कीमत का मादक पदार्थ और अन्य सामान जब्त किया जा चुका है। इस ताजा कार्रवाई को प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है।

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