विदेशी व्हिस्की और लग्जरी कारों पर बड़ी राहत! भारत-UK FTA ने बदल दिए आयात के नियम

नई दिल्ली :15 जुलाई 2026 का दिन भारत और ब्रिटेन के व्यापारिक रिश्तों के लिए बेहद ऐतिहासिक है। दोनों देशों के बीच बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) आज से आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है।

इस समझौते के प्रभावी होने के साथ ही आयात और निर्यात पर लगने वाले भारी-भरकम टैरिफ में बड़ी कटौती की गई है।

इसके परिणामस्वरूप, ब्रिटेन से भारत आने वाले कई विदेशी उत्पाद अब काफी सस्ते दामों पर मिलेंगे। इस ऐतिहासिक डील को लागू करने की आधिकारिक घोषणा पिछले महीने (जून) में ही कर दी गई थी। आइए जानते हैं कि इस व्यापार समझौते से आम लोगों और अर्थव्यवस्था को क्या-क्या फायदे होने वाले हैं।

स्कॉच और व्हिस्की के शौकीनों की होगी मौज

विदेश व्यापार महानिदेशालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस मुक्त व्यापार समझौते का सबसे ज्यादा फायदा ब्रिटिश स्कॉच और व्हिस्की इंडस्ट्री को मिलने जा रहा है। वर्तमान में भारत में आयातित स्कॉच व्हिस्की पर 150 प्रतिशत का भारी भरकम टैरिफ लगता है।

लेकिन FTA के तहत, इस ड्यूटी को कई चरणों में घटाकर महज 40 प्रतिशत तक लाया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले समय में भारत के अंदर स्कॉच और व्हिस्की की कीमतों में 110 फीसदी तक की बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी।

भारत में दौड़ेंगी ब्रिटेन की सस्ती लग्जरी कारें

इस डील के तहत देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कोटा व्यवस्था के माध्यम से लग्जरी कारों पर लगने वाले टैरिफ को 100% से घटाकर 10% कर दिया जाएगा। इससे ब्रिटेन की जगुआर, लैंड रोवर, एस्टन मार्टिन, रोल्स रॉयस और डिफेंडर जैसी प्रीमियम कारें भारतीय बाजार में कम कीमत पर उपलब्ध होंगी।

प्रावधानों के अनुसार, पहले साल में कम ड्यूटी पर कुल 20,000 कारों का आयात किया जा सकेगा। इसमें 3000cc से अधिक (पेट्रोल) और 2500cc से अधिक (डीजल) इंजन वाली 10,000 कारों पर कस्टम ड्यूटी 110% से घटकर 30% रह जाएगी।

वहीं, 1500cc से 3000cc के बीच की 5,000 कारों पर ड्यूटी 66% से कम होकर 50% हो जाएगी। अगले 15 वर्षों में इसे धीरे-धीरे घटाकर 10% के स्तर पर लाया जाएगा।

ब्यूटी और अन्य उत्पादों पर भी मिलेगी राहत

कारों और शराब के अलावा, ब्रिटेन से आने वाले कॉस्मेटिक्स, ब्यूटी प्रोडक्ट्स और अन्य उपभोक्ता सामानों की कीमतों में भी नरमी आएगी। वर्तमान में इन उत्पादों पर 22 प्रतिशत तक का आयात शुल्क लगता है, जिसे या तो तुरंत प्रभाव से हटा दिया जाएगा या फिर 10 साल की समयावधि में धीरे-धीरे शून्य कर दिया जाएगा।

ब्रिटेन के बाजार में भारतीय सामानों का दबदबा

यह डील सिर्फ ब्रिटेन ही नहीं, बल्कि भारतीय निर्यातकों के लिए भी मुनाफे का सौदा है। भारत-यूके एफटीए के लागू होने से भारत के कई उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में ‘ड्यूटी-फ्री’ (शून्य शुल्क) एंट्री मिलेगी।

पहले जहां टेक्सटाइल और कपड़ों पर 12%, बेस मेटल्स पर 10% और केमिकल्स पर 8% की कस्टम ड्यूटी चुकानी पड़ती थी, वहीं अब 99 फीसदी भारतीय उत्पादों को यूके में जीरो ड्यूटी (0%) के तहत निर्यात किया जा सकेगा। इससे भारत के कपड़े, जूते और कई तरह के खाद्य उत्पाद वहां आसानी से और किफायती दामों पर बेचे जा सकेंगे।

दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मिलेगी बड़ी रफ्तार

इस व्यापार समझौते से भारत और ब्रिटेन दोनों ही देशों की अर्थव्यवस्था को तगड़ा बूस्ट मिलने वाला है। ब्रिटिश सरकार के अनुमान के मुताबिक, भारत के साथ इस FTA के कारण ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में 4.8 अरब पाउंड का इजाफा होगा, जबकि वहां के लोगों के वास्तविक वेतन में लगभग 2.2 अरब पाउंड की वृद्धि देखने को मिलेगी। ब्रिटेन सरकार इसे भारत द्वारा अब तक लागू किया गया सबसे बड़ा और व्यापक व्यापार समझौता बता रही है।

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