CCTV फुटेज के बाद एक्शन, महिला से अभद्रता के मामले में कांग्रेस नेता गिरफ्तार

दुर्ग : महिला के साथ अश्लील हरकत करने एवं जान से मारने की धमकी देने के आरोप में कांग्रेस नेता समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें कांग्रेस नेता मोनू साहू और उसके साथी महिला से अश्लील हरकत करते नजर आ रहे हैं। पूरा मामला अमलेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम अमलेश्वरडीह का है।

इस मामले में अमलेश्वर के पूर्व पालिका उपाध्यक्ष उमेश साहू की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीएम भूपेश बघेल के करीबी पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोरध्वज साहू उर्फ मोनू साहू, दीपक वर्मा एवं जय साहू को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।

पीड़ित उमेश साहू के अनुसार यह पूरा मामला पुरानी रंजिश और अवैध कब्जे को लेकर शुरू हुआ है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य के भतीजे दुर्गेश साहू पर शासकीय भूमि पर कब्जा करने के आरोप में जन समस्या निवारण शिविर में आवेदन लगाया गया, जिस पर कार्रवाई करते हुए पटवारी ने भूमि का निरीक्षण किया। इस मामले में अब मोनू साहू और उसके साथी उमेश को ही इसका मुखबिर बताकर धमकी दे रहे थे।

उमेश की पत्नी से किया अभद्र व्यवहार

जानकारी के मुताबिक, मोनू साहू और उसके साथी शराब के नशे में 7 जून 2026 की रात लगभग 11 बजे उमेश के घर पहुंचे थे, जहां उमेश साहू की पत्नी अपने घर में परिवार के साथ मौजूद थी। इसी दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य लिखा हुआ कार में सवार होकर कुछ लोग उसके घर के सामने पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। घर की घंटी बजाने पर महिला बाहर निकली। आरोप है कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोरध्वज साहू उर्फ मोनू साहू, दीपक वर्मा एवं जय साहू ने उसके पति के संबंध में पूछताछ करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया और गंदे इशारे करते हुए उन्हें धमकी दी।

जान से मारने की धमकी देने का आरोप

महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने अश्लील गालियां और गंदे इशारे किए और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही घर में घुसने का प्रयास भी किया। घटना के दौरान महिला के पति उमेश साहू के बाहर आने पर उन्हें भी धमकाया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 333, 296, 351(3), 79 एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया। मामले की जांच के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button