अरूण पांडे को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने अरुण पाण्डेय को हेड ऑफ फारेस्ट बनाने का आदेश जारी कर दिया है। 25 मई को मंत्रालय में हुई डीपीसी में उन्हें हेड ऑफ फारेस्ट बनाने पर मुहर लगी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद आज सुबह आदेश जारी हो गया।

छत्तीसगढ़ वन विभाग के प्रमुख PCCF वी. श्रीनिवास राव 31 मई को रिटायर हो रहे हैं। चूंकि 30 और 31 मई को अवकाश है। लिहाजा, श्रीनिवास राव 29 मई को सेवानिवृत हो जाएंगे। अरुण पाण्डेय को कौशलेंद्र सिंह और अनिल साहू को सुपरसीड कर हेड ऑफ फारेस्ट बनाया गया है। दोनों अधिकारी अरुण पाण्डेय से सीनियर हैं।

विभागीय अनुभव और वर्तमान जिम्मेदारियों को देखते हुए सरकार उन पर भरोसा जता सकती है। वाइल्ड लाइफ सेक्टर में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। पिछले कुछ समय में वन्यजीव संरक्षण और टाइगर रिजर्व से जुड़े मामलों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है।

वन बल प्रमुख (हॉफ) वी. श्रीनिवास राव 31 मई को रिटायर हो रहे हैं। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा थी कि क्या राव को भी पूर्व में मुख्य सचिव या डीजीपी की तरह ‘सेवा विस्तार’ (एक्सटेंशन) मिलेगा? लेकिन अब ये लगभग साफ हो गया है कि वन विभाग में एक्सटेंशन की कोई नई परंपरा शुरू नहीं होगी। दो दिनों का अवकाश होने के कारण 29 मई को राव की विदाई तय है और इसी के साथ नए वन प्रमुख के पद पर इसी शाम को अरुण पांडेय कार्यभार संभालेंगे। अरुण पांडेय 1994 बैच के आईएफएस अफसर हैं। वर्तमान में पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) की जिम्मेदारी संभाल रहे पांडेय की पहचान प्रशासनिक पकड़ वाले अधिकारी के तौर पर है। जैव विविधता बोर्ड में उनके कार्यकाल में पहली बार छत्तीसगढ़ में रामसर साइट की खोज शुरू हुई और उसी का नतीजा रहा कि कोपरा जलाशय को राज्य का पहला रामसर साइट का दर्जा मिला जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

 

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