कैसे अवतरित हुईं मां नर्मदा? भगवान शिव का ये वरदान आज भी है प्रभावी

वैदिक पंचांग के अनुसार, नर्मदा जयंती 25 फरवरी को नर्मदा जयंती मनाई जाएगी। यह दिन मां नर्मदा को समर्पित है। इस दिन मां नर्मदा की पूजा-अर्चना और दीपदान जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि मां नर्मदा की साधना करने से साधक को जीवन में सभी दुखों से मुक्ति मिलती है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। क्या आप जानते हैं कि मां नर्मदा धरती पर कैसे अवतरित हुईं। अगर नहीं, तो ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि मां नर्मदा के अवतरण से जुड़ी कथा के बारे में।
नर्मदा जयंती 2026 डेट और शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि की शुरुआत 25 जनवरी को रात 12 बजकर 39 मिनट पर होगी। वहीं, तिथि का समापन 25 जनवरी को 11 बजकर 10 मिनट पर होगा। ऐसे में नर्मदा जयंती 25 जनवरी को मनाई जाएगी।
ब्रह्म मुहूर्त- 05 बजकर 26 मिनट से 06 बजकर 19 मिनट तक
अमृत काल – सुबह 11 बजकर 15 मिनट तक से 12 बजकर 49 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 20 मिनट तक से 03 बजकर 03 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 05 बजकर 52 मिनट से 06:19 मिनट तक
- इस दिन नर्मदा तट पर दीपदान करना चाहिए। इससे साधक जीवन में खुशियों का आगमन होता है।
- नर्मदा जयंती के दिन मां नर्मदा को चुनरी और साड़ी अर्पित करें। इससे वैवाहिक जीवन में खुशहाल रहता है।
- मां नर्मदा को हलवा या खीर समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।
- मंदिर या गरीब लोगों में अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें।







