आखिर कब और क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया, जानिए किस मुहूर्त में घर लाएं सोना?

 वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही इस अवसर पर सोने की खरीदारी  करना शुभ माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से साधक को जीवन में सभी सुखों की प्राप्ति होती है और धन लाभ के योग बनते हैं। क्या आप जानते हैं कि आखिर क्यों मनाया जाता है अक्षय तृतीया का पर्व। अगर नहीं पता, तो आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं इसके बारे में विस्तार से।

अक्षय तृतीया 2026 डेट और टाइम
वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, तिथि का समापन 20 अप्रैल को सुबह 07 बजकर 27 मिनट पर होगा। ऐसे में अक्षय तृतीया (Kab Hai Akshaya Tritiya 2026) का पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा करने का समय सुबह 10 बजकर 49 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक है। इस दौरान किसी भी समय मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

सोना खरीदने का समय
अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने के लिए शुभ मुहूर्त 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से 20 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 51 मिनट तक है।

ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 23 मिनट से 05 बजकर 08 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 22 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 48 मिनट से 07 बजकर 10 मिनट तक
अमृत काल- रात 02 बजकर 26 मिनट से 03 बजकर 52 मिनट तक

क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का अवतरण हुआ था। इसी दिन से सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत भी हुई थी। अक्षय तृतीया के दिन शुभ काम करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। अक्षय तृतीया के दिन ही धन के देवता कुबेर ने महादेव की तपस्या की थी। भगवन शिव ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें देवताओं का कोषाध्यक्ष बना दिया। इसलिए अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है।

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