मकर संक्रांति के दिन 4 राशियों को मिलेगा शनिदेव का वीआईपी आशीर्वाद, खुशियों से भर जाएगा घर-द्वार

वैदिक पंचांग के अनुसार, बुधवार 14 जनवरी को मकर संक्रांति है। यह पर्व आत्मा के कारक सूर्य देव के मकर राशि में गोचर करने के उपलक्ष्य पर मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर गंगा स्नान कर भक्ति भाव से सूर्य देव और देवी मां गंगा की पूजा की जाती है।

धार्मिक मत है कि संक्रांति के दिन गंगा स्नान करने से व्यक्ति विशेष द्वारा जाने-अनजाने में किए गए पाप नष्ट हो जाते हैं। वहीं, सूर्य देव की कृपा से आरोग्य जीवन का वरदान मिलता है।

ज्योतिषियों की मानें तो मकर संक्रांति के दिन कई भाग्यशाली राशियों  पर न्याय के देवता शनिदेव की कृपा विशेष बरसेगी। उनकी कृपा से हर मनोकामना पूरी होगी। साथ ही सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलेगी। आइए, मकर संक्रांति के बारे में सबकुछ जानते हैं।

मकर संक्रांति शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग गणना अनुसार, बुधवार 14 जनवरी के दिन  पुण्य काल दोपहर 03 बजकर 13 मिनट से लेकर शाम 05 बजकर 45 मिनट तक है। इसके साथ ही महा पुण्य काल दोपहर 03 बजकर 13 मिनट से लेकर शाम 04 बजकर 57 मिनट तक है। तुला संक्रांति के दिन पुण्य क्षण दोपहर 03 बजकर 13 मिनट पर है। साधक 14 जनवरी के दिन सुविधा अनुसार समय पर स्नान-ध्यान कर सूर्य देव की उपासना कर सकते हैं।

मेष राशि

मकर संक्रांति के दिन मेष राशि के जातकों पर शनिदेव की कृपा बरसेगी। उनकी कृपा से आपके जीवन में परिवर्तन देखने को मिल सकता है। मन प्रसन्न रहेगा। आप निवेश के लिए सीक्रेट प्लानिंग कर सकते हैं। धर्म-कर्म और दान-पुण्य कर सकते हैं। कई कामों से आपको धन लाभ हो सकता है। आपको मधुरभाषी होना है। गुस्से पर कंट्रोल रखना है। जीवन में सफल होने के लिए परिश्रम करें। शनिदेव अवश्य ही आपको शुभ फल देंगे। मकर संक्रांति के दिन काले चीजों का दान करें।

तुला राशि
मकर संक्रांति के दिन तुला राशि के जातकों पर शनिदेव की कृपा बरसेगी। शनिदेव की मेहरबानी से आपको धन लाभ हो सकता है। यह लाभ ससुराल से मिल सकता है। भूमि-भवन मामलों में खुशखबरी मिल सकती है। नौकरी के लिए भी समय बेस्ट रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। फ्यूचर की गणना आप करने में सफल होंगे। आलस का त्याग करें। घर पर मेहमानों का आगमन होगा। मकर संक्रांति के दिन कच्चे दूध या गंगाजल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से सभी संकट दूर हो जाएंगे।

मकर एवं कुंभ राशि

मकर और कुंभ राशि के स्वामी शनिदेव और आराध्य देवों के देव महादेव हैं। सूर्य देव के शनि की राशि मकर में गोचर से इन दोनों राशि के जातकों के जीवन में नया सवेरा होगा। मकर राशि के जातकों को सभी रुके या अधूरे काम बनेंगे। शनिदेव की मेहरबानी से जीवन में मंगल ही मंगल होगा।

मकर संक्रांति के दिन काले तिल और उड़द की दाल का दान करने से साधक को शनिदेव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा। उनकी कृपा से हर काम में सफलता मिलेगी। मकर संक्रांति के दिन काले कंबल, चमड़े के जूते-चप्पल, उड़द की दाल आदि चीजों का दान करें। साथ ही भगवान शिव की भक्ति भाव से पूजा करें।

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