33 दिन बाद थमी एनएचएम कर्मियों की हड़ताल, गाजे-बाजे के साथ दफ्तर लौटे कर्मचारी

जशपुरनगर :  छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के आह्वान पर बीते 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहे जशपुर जिले के 845 से अधिक एनएचएम कर्मचारी आखिरकार 33 दिन बाद काम पर लौट आए। सोमवार को सभी कर्मचारी गाजे-बाजे और उत्साह के साथ जिला चिकित्सालय पहुंचे और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. घनश्याम सिंह जात्रा को सामूहिक उपस्थिति पत्र सौंपा।

4 मांगें तत्काल पूरी, 3 पर आश्वासन

करीब 20 वर्षों से संविदा पर कार्यरत 16 हजार से अधिक एनएचएम कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगों में से 4 को तत्काल पूरा कर दिया गया है। इनमें 5 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, 27% महंगाई भत्ते में 5% की वृद्धि, 30 दिन का सवैतनिक मेडिकल अवकाश, वार्षिक गोपनीय चरित्र प्रमाण-पत्र (CR) में पारदर्शिता शामिल हैं। इसके अलावा, ग्रेड पे, अनुकंपा नियुक्ति और स्थानांतरण नीति को अगले तीन माह में लागू करने का आश्वासन दिया गया है। वहीं, संविलियन, पब्लिक हेल्थ कैडर और नियमित भर्ती में 50% आरक्षण पर शीघ्र कार्यवाही का भरोसा सरकार ने दिलाया है।

मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की पहल से सुलझा मामला

एनएचएम संघ ने हड़ताल स्थगित करने का निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव बघेल सहित विभागीय अधिकारियों की पहल के बाद लिया। संघ ने कहा कि वर्षों से लंबित मांगों को ठोस दिशा देने के लिए सरकार और अधिकारियों की सार्थक पहल स्वागतयोग्य है।

संघ ने जताया आभार

एनएचएम संघ जशपुर ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया और मिशन संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित सभी संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

33 दिनों से ठप स्वास्थ्य सेवाएं अब पटरी पर लौटेंगी और आम मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

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