हाइवे पर रील और स्टंट करने वालों पर हाई कोर्ट की सख्ती

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बिलासपुर-मस्तूरी रोड पर खतरनाक स्टंट करते हुए 18 कारों की जब्ती के मामले में पुलिस की कार्रवाई को ‘सिर्फ दिखावा’ बताते हुए कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने साफ कहा कि गरीब, मध्यम वर्गीय और कमजोर लोगों पर तो पुलिस सख्ती से डंडा चलाती है, लेकिन जैसे ही मामला अमीर, दबंग या राजनीतिक रसूख वाले लोगों से जुड़ता है, पुलिस अधिकारी ‘बिना दांत के बाघ’ बन जाते हैं।

हाई कोर्ट ने कहा कि मामूली जुर्माना लेकर गाड़ियां छोड़ दी जाती हैं और आरोपित आसानी से छूट जाते हैं। इस मामले में जब तक कोर्ट आदेश नहीं देगा तब तक गाड़ियां नहीं छूटनी चाहिए। एक अन्य मामले में हाई कोर्ट ने 13 अक्टूबर को सुनवाई के लिए तिथि तय की थी, लेकिन 10 सितंबर को नया मामला सामने आने पर पुराने प्रकरण के साथ 20 सितंबर को सुनवाई की।

दरअसल बीते 10 सितंबर को कुछ युवक लावर गांव स्थित फार्म हाउस में जन्मदिन पार्टी मनाने जा रहे थे। उन्होंने नेशनल हाईवे-49 पर कारों की खिड़की और सनरूफ से बाहर लटककर खतरनाक स्टंट किए। तेज रफ्तार में लापरवाही से गाड़ियां चलाने के कारण सड़क पर जाम लग गया और अन्य राहगीरों की जान जोखिम में आ गई। 17 सितंबर को राहगीरों ने इसका वीडियो बनाकर पुलिस को भेजा था।

कोर्ट की फटकार के बाद हरकत में आई पुलिस

हाई कोर्ट की फटकार के बाद पुलिस हरकत में आई है। सड़क पर और कार की खिड़की पर बैठकर उधमबाजी करने वालों के खिलाफ एक ड्राइवर रविंद्र सोनी (34) ने शिकायत की है। शिकायत पर पुलिस की टीम फार्म हाउस पहुंची थी। पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने निहाल, आकाश श्रीवास्तव, पवन यादव, आदर्श भेड़िया, प्रियांशु बकसेल, लक्ष्य खोब्रागढ़े, लक्ष्य दास, साहिल बेरिया, कृष तिवारी, शुभम दुबे, अमिन श्रीवास्तव, मोनू गुप्ता, विवेक शर्मा, रिंकू श्रीवास्तव, सत्यजीत केशरवानी, चीकू सोनी और सुशांत सोनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पुलिस की ओर से 17 कार नंबर के आधार पर कार्रवाई की गई है। आज तक फोटो और नाम नहीं बताया पुलिस ने कुछ समय पहले भी एक रसूखदार के बेटे व अन्य ने नेशनल हाईवे पर गाड़ियों का काफिला लगाकर रील्स बनाया था। उस मामले में भी
हाई कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई थी। जिसके बाद जब्ती की कार्रवाई व एफआइआर दर्ज की गई है। लेकिन किन पर
कार्रवाई हुई और वे कौन रसूखदार हैं, उनके नाम और तस्वीर को आज तक बिलासपुर पुलिस ने शेयर नहीं किया और ना ही इसकी जानकारी बाहर आने दी।

अगली सुनवाई 
23 सितंबर को

हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को तय की है और आदेश की प्रति तत्काल मुख्य सचिव
को भेजने को कहा है। इस तरह कोर्ट ने साफ कर दिया कि अब सड़क पर जानलेवा स्टंट और गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ कड़ी और नजीर बनाने वाली कार्रवाई ही होगी, चाहे वे किसी भी रसूख या हैसियत वाले क्यों न हों।

कोर्ट ने कहा- कार्रवाई ऐसी हो जो
जीवनभर के लिए सबक बने

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि पुलिस की कार्रवाई महज औपचारिक है। अगर आम लोगों की जान खतरे में डाली गई है तो सिर्फ मोटर व्हीकल एक्ट काफी नहीं है, बल्कि भारतीय न्याय संहिता 2023 और अन्य कड़े प्रविधानों में अपराध दर्ज होना चाहिए। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, ऐसे अपराधियों पर की गई कार्रवाई उनके जीवन भर का सबक बननी चाहिए। सिर्फ जुर्माना भरवाकर गाड़ियां छोड़ना लोगों को और उकसाता है कि वे दोबारा ऐसा अपराध करें।

पहले दिन 18 पर कार्रवाई 
एफआइआर में 17 गाड़ियों के नंबर स्टंट करने वालों का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद पुलिस की ओर से फार्म हाउस में जाकर कार्रवाई की गई। तब थाना प्रभारी हरीशचंद्र टांडेकर और डीएसपी लालचंद मोहले ने बताया कि 18 वाहनों पर कार्रवाई की है। घटना के दो दिन बाद मामले में जुर्म दर्ज किया गया। तब केवल 17 वाहनों के नंबर एफआइआर में दर्ज किए गए हैं। जिसे लेकर फिर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।

पुलिस ने की थी जब्ती की कार्रवाई घटना का वीडियो पुलिस को मिला तो इसकी पड़ताल शुरू की गई। इस बीच वीडियो इंटरनेट में भी प्रसारित हो गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 18 कारों को जब्त किया और चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं में अपराध दर्ज किया। साथ ही, ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की अनुशंसा भी की गई।

पहले भी हाई कोर्ट 
ने लिया था संज्ञान

अदालत ने याद दिलाया कि तीन फरवरी को भी सड़क पर स्टंट और गुंडागर्दी के मामलों का स्वतः संज्ञान लिया गया था और तब से लेकर अब तक मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक को कई बार हलफनामे दाखिल करने पड़े हैं।

कोर्ट ने दिए यह निर्देश हाई कोर्ट ने कहा कि जब्त की गई 18 कारें बिना हाई कोर्ट की अनुमति के नहीं छोड़ी जाएंगी। मुख्य सचिव को अगली सुनवाई तक हलफनामा दाखिल कर बताना होगा कि मोटर व्हीकल एक्ट के अलावा और कौन-सी कार्रवाई की गई। राज्य सरकार और पुलिस विभाग को चेतावनी दी गई कि सड़क पर स्टंट करने वाले रसूखदारों और दबंगों के खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।

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