तहसील पहुंचे कलेक्टर, फरियादियों से सीधे की बात; वर्षों से अटके मामलों के निराकरण के दिए सख्त निर्देश

राजनांदगांव : डोंगरगांव तहसील कार्यालय में गुरुवार को उस समय हलचल बढ़ गई जब कलेक्टर जितेन्द्र यादव अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। कलेक्टर ने दफ्तर की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही वहां मौजूद ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयसीमा में समाधान करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान ग्राम बाकल के तोरण खूंटे वर्ष 2000 से 2024 तक की बी-1 नकल प्राप्त करने के लिए तहसील कार्यालय पहुंचे थे। कलेक्टर ने मामले पर तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक दस्तावेज नियत समय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं ग्राम आलीखुंटा के बुजुर्ग बल्दु राम सीमांकन नहीं होने की समस्या लेकर पहुंचे थे। कलेक्टर ने उनकी शिकायत सुनते ही आवेदन दर्ज कराने और सीमांकन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। ग्राम पैरी के छन्नूलाल साहू के जन्म प्रमाण पत्र संबंधी प्रकरण का भी शीघ्र निराकरण करने कहा गया।

कलेक्टर ने तहसील की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण करते हुए लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपील अवधि पूरी कर चुके मामलों के अभिलेख नियमानुसार रिकॉर्ड रूम में जमा कर सुरक्षित रखे जाएं। साथ ही पुराने और लंबित प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने के लिए पेशी की तारीखों के बीच अनावश्यक अंतराल न रखने की बात कही।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रत्येक शाखा के बाहर स्पष्ट सूचना पट्ट लगाने के निर्देश भी दिए, ताकि आम लोगों को अपने कार्य के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि राजस्व कार्यालय में आने वाले नागरिकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं मिलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एक कर्मचारी के वेतन भुगतान से जुड़े प्रकरण को स्वयं ई-कोष पोर्टल पर प्रक्रिया कर त्वरित कार्य निष्पादन का संदेश भी दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए उनके आवेदनों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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