भारतमाला घोटाले की जांच में बड़ा खुलासा, पहली गिरफ्तारी के बाद पूछताछ तेज

रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहली गिरफ्तारी की है। ईडी ने अभनपुर निवासी कारोबारी जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है।

इससे एक दिन पहले ईडी ने मामले के मुख्य आरोपी हरमीत सिंह खनूजा समेत चार लोगों के खिलाफ विशेष न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि हरमीत सिंह खनूजा ने जमीन दलालों के साथ मिलकर मुआवजा घोटाले को अंजाम दिया और किसानों को मुआवजे की केवल आधी राशि दी, जबकि शेष रकम अपने पास रख ली।

अप्रैल में हुई थी छापेमारी

ईडी ने 27 अप्रैल को अभनपुर में जयप्रकाश गांधी के घर पर छापेमारी की थी। टीम सबसे पहले उसके भाई गोपाल गांधी के घर पहुंची, जिसके बाद जयप्रकाश गांधी और सत्यप्रकाश गांधी के निवास पर भी जांच की गई। कार्रवाई के दौरान ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड मिले थे।

इस मामले में रायपुर, धमतरी और दुर्ग सहित कई स्थानों पर भी एक साथ छापेमारी की गई थी। जांच के बाद ईडी ने जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार कर बुधवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर भेजा गया। ईडी के अधिकारी नीरज कुमार ने 27 अप्रैल की रात अभनपुर थाने में इस मामले को लेकर एफआईआर भी दर्ज कराई थी।

हरमीत सिंह खनूजा मुख्य आरोपी

ईडी ने हरमीत सिंह खनूजा को मामले का मुख्य आरोपी बनाया है। हरमीत खनूजा प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी का आरोप है कि उसने पटवारियों और जमीन दलालों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा किया।

आरोपों के अनुसार किसानों की जमीन खरीदने के बाद दस्तावेजों में बैक डेट में नाम दर्ज कराए गए। नामांतरण से लेकर भुगतान संबंधी रसीदें भी कथित तौर पर बैक डेट में तैयार कराई गई।

चार लोगों को बनाया गया आरोपी

ईडी की जांच में हरमीत सिंह खनूजा के अलावा खेमराज कोसले, पुनउराम देशलहरे और कुंदन बघेल के नाम भी सामने आए हैं। एजेंसी ने इन सभी को मामले में आरोपी बनाया है और उनकी भूमिका की जांच जारी है।

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