उर्वरक अनियमितताओं पर कार्रवाई, साधना कृषि केन्द्र का लाइसेंस 15 दिन के लिए निलंबित

बेमेतरा : संचालनालय कृषि छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, तस्करी, जमाखोरी, अधिक दर पर विक्रय, अमानक एवं नकली खाद की बिक्री रोकने हेतु सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में मेसर्स साधना कृषि केन्द्र, ग्राम टेमरी, विकासखण्ड नवागढ़, जिला बेमेतरा का उर्वरक प्राधिकार पत्र निलंबित किया गया है।

निरीक्षण के दौरान मिलीं गंभीर अनियमितताएं
18 अगस्त 2025 को उर्वरक निरीक्षक श्री राकेश कुमार चतुर्वेदी (वि.खं. नवागढ़) द्वारा साधना कृषि केन्द्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्कंध पंजी/बिल बुक का संधारण अपूर्ण पाया गया। मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। उर्वरक स्कंध एवं निर्धारित दर का प्रदर्शन नहीं किया गया। पीओएस मशीन में 01 मी.टन एमओपी 15.70 मी.टन एनपीके 14.85 मी.टन एसएसपी एवं 24.165 मी.टन यूरिया का स्कंध प्रदर्शित था, जबकि भौतिक रूप से स्टॉक शून्य पाया गया। इन अनियमितताओं पर केंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, किंतु आज दिनांक तक कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।

15 दिन के लिए निलंबन
प्रकरण को गंभीर मानते हुए उर्वरक निरीक्षक की अनुशंसा पर प्राधिकृत अधिकारी सह उप संचालक कृषि, जिला बेमेतरा श्री मोरध्वज डड़सेना ने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के खंड 31 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए साधना कृषि केन्द्र का उर्वरक प्राधिकार पत्र क्रमांक FBMT156/2019 जिसकी वैधता 20/11/2029 तक के लिए है | इसे 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। निलंबन की अवधि में संबंधित प्राधिकार पत्र पर किसी भी प्रकार का उर्वरक भंडारण एवं विक्रय नहीं किया जा सकेगा |

जिले में उर्वरक अनियमितताओं पर प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 83 उर्वरक विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, वहीं 3 विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द तथा 3 विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इसके साथ ही किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। कृषि अधिकारियों की उपस्थिति में आज निजी दुकानों से 126 कृषकों को 200 क्विंटल यूरिया वितरित किया गया, जबकि कल 138 कृषकों को 380 क्विंटल यूरिया उपलब्ध कराया गया था। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों को खाद की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी और जमाखोरी, कालाबाजारी या निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूलने वालों पर आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button