2 मुठभेड़ में 18 नक्सली ढेर इनमें 11 महिलाएं… 25 लाख का इनामी भी शामिल; 4 जवान घायल

सुकमा :त्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिलों में हुई दो मुठभेड़ में सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने 18 माओवादियों को मार गिराया। इनमें 11 महिलाएं हैं। मारे गए नक्सलियों में 25 लाख का इनामी भी शामिल है। मुठभेड़ में चार जवान भी घायल हुए। सुरक्षाबलों ने मौके से बड़ी संख्या में स्वचालित हथियार व गोला बारूद जब्त किया है।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सुंदरराज पी ने बताया कि सुकमा में 17 व बीजापुर में एक नक्सली मारा गया। सुकमा के केरलापाल के गोगुंडा, नेंडुम और उपमपल्ली गांवों के जंगलों में माओवादियों के होने की सूचना मिली थी। इसके बाद डीआरजी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 159वीं बटालियन की संयुक्त टीम शुक्रवार रात नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। शनिवार सुबह करीब आठ बजे नक्सलियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया और 17 नक्सलियों को मार गिराया।

आईजी ने बताया कि मुठभेड़ में डीआरजी के तीन व सीआरपीएफ का एक जवान मामूली रूप से घायल हुआ है। 17 नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए। 10 दिन पहले, सुरक्षा बलों ने बीजापुर और कांकेर जिलों में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में 30 माओवादियों को मार गिराया था। बस्तर क्षेत्र में सुकमा सहित सात जिले शामिल हैं।

तय समय में खत्म कर देंगे नक्सलवाद
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, जिस बहादुरी और साहस के साथ हमारे सुरक्षा बल काम कर रहे हैं, हम तय समय में नक्सलवाद को खत्म कर देंगे।

झीरम घाटी हमले में शािमल बुधरा भी ढेर
आईजी ने बताया कि मारे गए नक्सलियों में 25 लाख का इनामी कुहदमी जगदीश उर्फ बुधरा भी शामिल है, जो माओवादियों की विशेष क्षेत्रीय समिति सदस्य था। जगदीश एक दर्जन से अधिक घातक वारदात में वांछित था। वह 2013 के झीरम घाटी हमले में भी शामिल था, इसमें कई कांग्रेस नेता मारे गए थे।

पूरे इलाके में तलाशी जारी
आईजी सुंदरराज ने बताया कि पूरे इलाके में तलाशी अभियान जारी है। घटनास्थल से एके-47 राइफल, सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर), इंसास राइफल, .303 राइफल, एक रॉकेट लांचर और बैरल ग्रेनेड लांचर (बीजीएल) समेत भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।

सिर्फ शांति व विकास से बदलाव संभव : शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, हथियार रखने वाले और हिंसा का सहारा लेने वाले लोग बदलाव नहीं ला सकते। सिर्फ शांति व विकास से ही बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने दोहराया कि सरकार 31 मार्च, 2026 से पहले नक्सलवाद खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

छत्तीसगढ़ में इस साल अब तक 134 नक्सलियों का सफाया
छत्तीसगढ़ में इस साल अब तक 134 नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें से 118 बस्तर संभाग में मारे गए। इस साल सुकमा जिले में 22 नक्सली मारे गए हैं।

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