बलौदाबाजार सड़क हादसा: तेज रफ्तार ट्रक ने 12वीं की छात्रा को कुचला, गुस्साए ग्रामीणों ने किया उग्र प्रदर्शन

संवाददाता – विजय शंकर तिवारी
kkbnews:-छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के भवानीपुर गांव में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें 12वीं कक्षा की एक छात्रा की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने ट्रक चालक की लापरवाही को हादसे की वजह बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजे की मांग की।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 17 वर्षीय छात्रा स्कूल से अपनी साइकिल पर घर लौट रही थी। भवानीपुर गांव के मुख्य मार्ग पर पहुंचते ही पीछे से आ रहा एक तेज रफ्तार सीमेंट से लदा ट्रक उसे कुचलते हुए निकल गया। हादसा इतना भयानक था कि छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक चालक ने ट्रक नहीं रोका और भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
गुस्साए ग्रामीणों ने किया चक्का जाम
घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने छात्रा के शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। वे दोषी ट्रक चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मृतका के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।
प्रशासन की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही बलौदाबाजार पुलिस, डीएसपी निधि नाग और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया और भरोसा दिलाया कि आरोपी ट्रक चालक पर कड़ी कार्रवाई होगी। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है और वाहन को जब्त कर लिया है।
ग्रामीणों की मांग: भारी वाहनों की आवाजाही पर लगे रोक
ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क पर आए दिन तेज रफ्तार ट्रक चलते हैं, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने मांग की है कि:
भारी वाहनों की गति सीमा तय की जाए।
स्कूल और गांव के आसपास ट्रैफिक पुलिस की तैनाती हो।
दोषी ट्रक चालक को कड़ी सजा दी जाए।
मृतक छात्रा के परिवार को कम से कम 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
क्या कहते हैं अधिकारी?
बलौदाबाजार डीएसपी निधि नाग ने कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले। आरोपी ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। हमने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
क्या सड़क हादसे सरकार की लापरवाही का नतीजा हैं?
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। इस इलाके में पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन पहले ही कड़े कदम उठाता तो यह हादसा टल सकता था।
निष्कर्ष
बलौदाबाजार का यह सड़क हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए एक गहरी चोट की तरह है। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और ग्रामीण न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।







