छत्तीसगढ़ में हाथियों की दस्तक से बढ़ा खतरा! कोरबा में फसल और मकानों को नुकसान, जशपुर में दंतैल की घुसपैठ

कटघोरा/जशपुर : छत्तीसगढ़ में जंगली हाथियों की आवाजाही से ग्रामीण और शहरी इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। कोरबा जिले के पसान वन परिक्षेत्र के तेलियामार गांव में 53 हाथियों के झुंड ने हॉस्टल की बाउंड्रीवाल तोड़ने के साथ बगीचे और किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया। घटना के दौरान हॉस्टल में रह रहे करीब 160 बच्चे हाथियों की चिंघाड़ सुनकर सहम गए।

वहीं, जशपुर जिले के कुनकुरी नगर में झुंड से बिछड़ा एक दंतैल हाथी रिहायशी इलाके में घुस गया। हाथी ने कई स्थानों की बाउंड्रीवाल तोड़ दी और महागिरजाघर चर्च परिसर तक पहुंच गया। दोनों घटनाओं के बाद वन विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

 कोरबा में 53 हाथियों के झुंड ने मचाई तबाही

कोरबा जिले के पसान वन परिक्षेत्र के तेलियामार गांव में गुरुवार देर रात हाथियों का बड़ा झुंड पहुंचा। झुंड में शामिल हाथियों ने दीपक मिशन स्कूल के हॉस्टल की बाउंड्रीवाल तोड़ दी और परिसर में घुसकर बगीचे को नुकसान पहुंचाया।

हॉस्टल में उस समय करीब 160 बच्चे रह रहे थे। हाथियों की चिंघाड़ और परिसर में उनकी मौजूदगी से बच्चे दहशत में आ गए। पूरी रात इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।

हाथियों ने आसपास के किसानों के मकानों और तैयार धान की फसल को भी नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि सैकड़ों एकड़ में लगी फसल प्रभावित हुई है। फसल बर्बाद होने से किसानों में नाराजगी है।

 कटघोरा वन मंडल में 57 हाथियों की मौजूदगी

वन विभाग के मुताबिक, कटघोरा वन मंडल में फिलहाल 57 हाथियों की मौजूदगी है। इनमें से करीब 53 हाथी पसान क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं। हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन अमले के साथ दो वाहन और दो विशेष दल तैनात किए गए हैं। ये दल दिन और रात निगरानी कर रहे हैं।

विभाग ने आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है, ताकि हाथियों की आवाजाही के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

10 गांवों में मुनादी, मोबाइल पर भेजे जा रहे अलर्ट

हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने 10 गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया है। विभाग के अनुसार, 24 घंटे निगरानी के साथ ‘गज संकेत ऐप’ के माध्यम से लोगों के मोबाइल पर अलर्ट भेजे जा रहे हैं।

कटघोरा स्थित केंद्रीकृत हाथी निगरानी केंद्र से सरपंचों, सचिवों और ग्रामीणों को फोन के जरिए भी जानकारी दी जा रही है।

वन मंडल अधिकारी के मुताबिक, एक हाथी जंगल से निकलकर हॉस्टल तक पहुंच गया था। हालांकि, हाथी मित्र दल, ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मचारियों के सहयोग से उसे सुरक्षित वापस जंगल की ओर भेज दिया गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

जशपुर के कुनकुरी में रिहायशी इलाके में घुसा दंतैल

इधर, जशपुर जिले के कुनकुरी नगर में झुंड से बिछड़े एक जंगली दंतैल हाथी ने कई स्थानों पर उत्पात मचाया। हाथी रिहायशी इलाके में पहुंचा और हॉली क्रॉस मिशन हॉस्पिटल सहित तीन स्थानों की बाउंड्रीवाल तोड़ दी।

इसके बाद हाथी कुनकुरी के महागिरजाघर चर्च परिसर में दाखिल हो गया। यहां रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। चर्च परिसर में हाथी को देखकर लोगों में दहशत फैल गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

 लोयला कॉलेज परिसर में हाथी की मौजूदगी

मिली जानकारी के मुताबिक, दंतैल हाथी फिलहाल लोयला कॉलेज परिसर में मौजूद है। वन विभाग की टीम उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है और स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है।

कोरबा और जशपुर में हाथियों की इन घटनाओं ने एक बार फिर मानव-हाथी संघर्ष की चुनौती को सामने ला दिया है। ऐसे में वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने और हाथियों के नजदीक जाने से बचने की जरूरत पर जोर दिया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button