रामगोपाल अग्रवाल को बड़ा झटका, PMLA कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज

रायपुर :  छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अदालत से राहत नहीं मिली है। रायपुर की विशेष PMLA अदालत ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत आवेदन पर फैसला सुनाया।

रिपोर्टों के मुताबिक, सुनवाई के दौरान मामले की प्रकृति और गवाहों के प्रभावित होने की आशंका सहित अन्य पहलुओं पर भी विचार किया गया। जमानत याचिका खारिज होने के बाद अग्रवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

11 अगस्त को ED ने किया था गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार रामगोपाल अग्रवाल को 11 अगस्त 2026 को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया था। उस समय वे रायपुर सेंट्रल जेल में विचाराधीन बंदी के रूप में निरुद्ध थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां ED को सात दिन की हिरासत मिली थी।

इससे पहले अग्रवाल ने 8 जुलाई 2026 को रायपुर स्थित EOW कार्यालय में सरेंडर किया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इसके बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में रखा गया और बाद में ED ने PMLA के तहत गिरफ्तार किया।

EOW की FIR और चार्जशीट के आधार पर ED की जांच

ED के अनुसार, छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच EOW/ACB की FIR और अदालत में दाखिल अभियोजन दस्तावेजों के आधार पर आगे बढ़ी। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में आबकारी कारोबार से जुड़ी कथित अनियमितताओं और धन के लेन-देन की जांच की जा रही है।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि मामले में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में सुनवाई के बाद ही होगा।

3200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला

मामले से संबंधित रिपोर्टों और जांच एजेंसी के आरोपों में 3,200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। जांच में राजनेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों समेत कई लोगों की भूमिका की पड़ताल की गई है।

ED की ओर से मामले में अलग-अलग आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एजेंसी ने पूर्व में इस प्रकरण से जुड़े लोगों की संपत्तियों पर भी PMLA के तहत कार्रवाई की है।

जांच में कथित सिंडिकेट और लेन-देन की पड़ताल

जांच एजेंसियों के अनुसार, शराब कारोबार में कथित सिंडिकेट, कमीशन और धन के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच की गई है। जांच में 2019 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ के आबकारी कारोबार से संबंधित कथित अनियमितताओं को भी शामिल किया गया है।

मामले में अलग-अलग आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायिक कार्यवाही जारी रही है। कुछ आरोपियों को विभिन्न चरणों में अदालतों से जमानत भी मिली है, जबकि रामगोपाल अग्रवाल की मौजूदा जमानत याचिका विशेष PMLA अदालत ने खारिज कर दी है।

अब आगे क्या?

जमानत याचिका खारिज होने के बाद रामगोपाल अग्रवाल फिलहाल हिरासत में रहेंगे। मामले की जांच और न्यायिक कार्यवाही आगे जारी रहेगी। इस प्रकरण में आरोपों और जांच एजेंसियों के दावों का अंतिम कानूनी निर्धारण संबंधित अदालतों की प्रक्रिया के बाद होगा।

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