सुबह-सुबह होटल बना आग का गोला, 8 लोगों की मौत; 28 लोगों को बचाया गया

तारापीठः पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले के एक होटल में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई और सात लोग गंभीर रूप से झुलस हो गए। प्रशासन की तरफ से बताया गया है कि सात लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतक आठ लोगों में से पांच मेघालय और तीन अलीपुर, बंगाल के रहने वाले थे। 28 लोगों को रेक्स्यू कर बचाया गया है।

यह घटना सुबह करीब 4 बजे हुई। घटना की जानकारी मिलने पर दमकल की दो गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और आग बुझाने की कोशिशें शुरू की गईं। आग लगने का कारण तुरंत पता नहीं चल सका। घटनास्थल पर बचाव और आग बुझाने का काम चल रहा है।

होटल संचालक हिरासत में

बीरभूम के एसपी विदित राज भुंडेश ने बताया, “बाहर से न तो धुआं दिख रहा था और न ही आग की लपटें। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। सीढ़ियों की मदद से 22 लोगों को बचाया गया और 11 लोगों को अस्पताल भेजा गया। इस घटना में 7 लोगों की मौत हो गई है। FIR दर्ज होने के बाद होटल संचालक को हिरासत में ले लिया गया है। हम उनसे पूछताछ कर रहे हैं।”

AC में आग लगने से पूरे होटल में फैली आग

बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह होटल के फर्स्ट फ़्लोर पर रिसेप्शन के AC में आग लग गई। अब तक जानकारी के हिसाब से फायर सिक्योरिटी होटल पर था लेकिन अहम वक़्त पर फायर अलार्म नहीं बजा। आग धीरे-धीरे पूरे होटल में फैल गई। होटल और उसके आस-पास का इलाका धुएं से भर गया। कुछ लोगों की आग में दम घुटने से मौत हो गई, जबकि कुछ लोग जलकर जिंदा मर गए। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

आग लगने के समय सो रहे थे लोग

पुलिस ने बताया कि आग सुबह करीब पांच बजे तारापीठ मंदिर नगरी स्थित चार मंजिला एक होटल के भूतल पर लगी। उस समय होटल में ठहरे ज्यादातर अतिथि सो रहे थे। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पा लिया। घायलों को रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के सूत्रों ने शुरुआत में बताया था कि आग की घटना में पांच लोगों की मौत हुई है। हालांकि, बाद में पुलिस ने आठ लोगों की मौत होने की जानकारी दी। होटल अधिकारियों ने दावा किया कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।

मृतकों में कई तीर्थयात्री शामिल

कोलकाता की एक महिला आग से बच निकलने में कामयाब रही। उसने बताया कि होटल के अंदर आग से अफरातफरी मच गई। अचानक, पूरा होटल धुएं से भर गया। हमें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और बाहर निकलने का रास्ता ढूंढना मुश्किल था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मरने वालों में कुछ तीर्थयात्री भी शामिल थे, जो मशहूर काली मंदिर में पूजा करने के लिए शहर आए थे।

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