हरियाली, कजरी और हरतालिका तीज 2026: कब-कब रखा जाएगा व्रत और कौन सा है सबसे कठिन? जानें पूरी जानकारी

हिंदू धर्म में तीज विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व होता है। भारत के साथ-साथ नेपाल में भी हिंदू महिलाएं तीज का पर्व मनाती हैं। यह पर्व मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के सम्मान के रूप में मनाया जाता है, ताकि वैवाहिक जीवन सुख-शांति से बीते। आमतौर पर तीज का त्योहार मानसून के मौसम में पड़ता है, जिसमें व्रत के साथ-साथ धार्मिक अनुष्ठानों का भी पालन किया जाता है।
भारत में आमतौर पर तीन तरह के तीज पर्व मनाए जाते हैं। जिसमें कजरी, हरतालिका और हरियाली तीज शामिल है। हरियाली तीज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तीसरी तिथि पर मनाई जाती है।
इस साल हरियाली तीज 15 अगस्त को मनाई जाएगी। वहीं हरतालिका तीज भी हर साल गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले मनाई जाती है, जिसका व्रत इस साल 14 सितंबर 2026 को रखा जाएगा। जबकि कजरी तीज भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की तीसरी तिथि के मौके पर मनाई जाती है। जो इस साल 31 अगस्त 2026 के दिन रखा जाएगा।
तीनों तीज में सबसे कठिन कौन?
हिंदू धर्म को मानने वाली विवाहित महिलाएं तीनों ही तीज को मनाती हैं। इन तीनों तीजों में सबसे अधिक कठिन हरतालिका तीज का व्रत है। क्योंकि इस दिन महिलाएं अन्न और जल दोनों ही ग्रहण नहीं करती हैं, बल्कि निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत के कठिन होने के निम्नलिखित कारण हैं- अन्न-जल के सेवन से परहेज
हरतालिका तीज का व्रत निर्जला रहकर रखा जाता है। इस दिन न पानी का सेवन किया जाता है और न ही अन्न का एक दाना खाया जाता है। पूरे एक दिन निर्जला रहकर अगले दिन सूर्योदय के बाद ही इस व्रत का पारण किया जाता है। ऐसे में इस दिन गलती से भी खान-पान का सेवन नहीं किया जाता है।
सोने से जुड़े सख्त नियम
हरतालिका व्रत के दौरान विवाहित महिलाएं दिन में सोने से बचती हैं। इस दिन पूरे रात भगवान शिव और माता पार्वती का जागरण किया जाता है। मान्यता है कि, इस व्रत के दौरान जो महिलाएं सोती हैं, उन्हें इस व्रत का पूरा फल नहीं मिलता है।
गुस्सा करने से बचें
हरतालिका तीज व्रत के दौरान महिलाओं को अपने गुस्से पर काबू रखने की सलाह दी जाती है। जो भी महिलाएं इस दिन भूलकर भी गुस्सा करती है, उनका व्रत खंडित होने का खतरा रहता है।
इसके विपरीत हरियाली और कजरी तीज विवाहित महिलाओं के लिए थोड़े सरल होते हैं। हरतालिका तीज की तरह कजरी और हरियाली तीज के दौरान व्रत के नियम इतने सख्त नहीं होते हैं।







