अब ‘वंदे मातरम्’ का अपमान पड़ेगा महंगा! राज्यसभा ने पास किया राष्ट्रीय सम्मान संशोधन विधेयक

वंदे मातरम् बिल बुधवार को राज्यसभा से पास हो गया. विपक्ष के हंगामे और कांग्रेस के वॉकआउट के बीच चली संक्षिप्त चर्चा के बाद गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने जवाब दिया और फिर इस बिल को वोटिंग के लिए ले लिया गया. इस बिल को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया है. इस विधेयक में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् गाने में जानबूझकर बाधा डालने या उसे रोकने पर सजा का प्रावधान किया गया है.

राज्यसभा में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक पेश किया था. इस बिल पर चर्चा की शुरुआत नहीं हो सकी थी. बुधवार को भी राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही पहले 12, फिर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी. उच्च सदन की कार्यवाही दो बजे जब तीसरी बार शुरू हुई, तब भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा.

विपक्ष की नारेबाजी और हंगामे के बीच ही चेयर से उपसभापति हरिवंश ने चर्चा शुरू करा दी. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस बिल पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह बिल वह पार्टी लेकर आई है, जो जिस संघ से जुड़ी है, उस आरएसएस के मुख्यालय पर 52 साल तक तिरंगा नहीं फहराया.

उन्होंने तंज करते हुए कहा कि आज वो लोग वंदे मातरम् को लेकर सख्त कानून बनाने की बात कर रहे है. इस पर चेयर से उपसभापति ने टोका. इसके बाद संजय सिंह ने कहा कि एक पत्रिका है ऑर्गेनाइजर, उसने लिखा कि राष्ट्रगान एंटरटेनमेंट का विषय है. उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि संघ की शाखाओं में तिरंगा क्यों नहीं फहराते. वंदे मातरम् का नारा हम भी लगाते हैं. इसका मतलब होता है मातृभूमि की वंदना.

संजय सिंह ने कहा कि हम कहते हैं भारत माता की जय. आप भारत माता की बेटियों के सिर तोड़ते हैं दिल्ली में. इस पर फिर हंगामा शुरू हो गया और उपसभापति ने चेयर से उनको रोका-टोका. उन्होंने आगे कहा कि मातृभूमि की वंदना तब होगी, जब आप बेटे-बेटियों, किसानों-मजदूरों का सम्मान करेंगे. संजय सिंह ने सरकार को घेरते हुए कहा कि आप सबका शोषण कर रहे हैं, सब पर लाठियां चला रहे हैं.

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अब तक भारत के राष्ट्रगान, तिरंगे का अपमान किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई का भी बिल लेकर आइए. हम उसका भी समर्थन करेंगे. संक्षिप्त चर्चा का नित्यानंद राय ने जवाब दिया और इसके बाद यह बिल ध्वनिमत से पारित कर दिया गया.

 

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