कौन हैं जयपुर से कनेक्शन वाली रिद्धि चौहान? जो 17 साल की उम्र में अमेरिकन नेवी जूनियर रिजर्व ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉर्प्स में बनीं बटालियन कमांडर

17 साल की जिस उम्र में ज्यादातर बच्चे स्कूल जा रहे होते हैं, उस आयु में अमेरिका के न्यूयॉर्क में रहने वाली भारतीय मूल की रिद्धि चौहान, नेवी जूनियर रिजर्व ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉर्प्स में बटालियन कमांडर के रूप में 300 कैडेट का नेतृत्व कर रही हैं। यह इस प्रोग्राम में स्टूडेंट्स के लिए सबसे ऊंचा पद है। रिद्धि चौहान ने क्वींस के बेंजामिन एन. कार्डोजो हाई स्कूल में पढ़ती हैं।

कौन हैं रिद्धि चौहान?
रिद्धि चौहान की माता का नाम रुचिका और उनके पिता दिलीप चौहान हैं। उनकी फैमिली मूल रूप से राजस्थान की राजधानी जयपुर के रहने वाला है। हालांकि, अब रिद्धि चौहान अपने माता-पिता के साथ न्यूयॉर्क में रहती हैं। उनकी बहन का नाम काहिनी गुप्ता चौहान हैं, जो मेडिकल के पेशे में काम करती हैं। रिद्धि चौहान अब नेवल एकेडमी प्रिपरेटरी स्कूल में जाने की तैयारी कर रही हैं, जो यूनाइटेड स्टेट्स नेवल एकेडमी तक पहुंचने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

क्या है नेवी जूनियर रिजर्व ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉर्प्स?
जान लें कि NJROTC एक लीडरशिप प्रोग्राम है जिसको US नेवी का सपोर्ट मिला हुआ है। यह अमेरिका के हाई स्कूलों में चलाया जाता है। यह प्रोग्राम अनुशासन, टीमवर्क और चरित्र निर्माण पर फोकस करता है। रिद्धि चौहान का मानना है कि उन्होंने स्कूल में योगदान देने का एक सार्थक तरीका खोजने और अपनी लीडरशिप स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए इसमें भाग लिया। यही एक्सपीरियंस आगे चलकर नेवल ऑफिसर बनने के उनके सपने को पूरा करने में मदद करेगा।

NJROTC में इन पदों पर काम कर चुकी हैं रिद्धि चौहान
नेवी जूनियर रिजर्व ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉर्प्स में बटालियन कमांडर के ऊंचे पद तक पहुंचने के लिए रिद्धि ने एकेडमिक कमांडर, STEM कमांडर, प्लाटून लीडर और इंस्पेक्शन कमांडर जैसे पदों पर अहम जिम्मेदारी निभाई है। एकेडमिक कमांडर के रूप में, रिद्धि चौहान ने अपने स्कूल की टीम को लगातार 2 साल ‘लीडरशिप एंड एकेडमिक बाउल’ के दूसरे चरण तक पहुंचाने और नेशनल एकेडमिक एग्जाम में पहला नंबर दिलाने में कामयाबी पाई।

‘सी-पर्च’ अंडरवॉटर रोबोट भी तैयार करवा चुकी हैं रिद्धि
STEM कमांडर के रूप में काम करते हुए रिद्धि चौहान ने कैडेट्स का नेतृत्व किया और यूनिट का पहला ‘सी-पर्च’ अंडरवॉटर रोबोट शुरू से तैयार करवाया। इस दौरान, रिद्धि चौहान ने 200 से अधिक साथी कैडेट्स को गाइड किया, जो उनकी बटालियन का एक बड़ा भाग थे। इससे पहले भी अमेरिका से भारतीय मूल के अचीवमेंट्स को लेकर बड़ी खबर आई थी, जब अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में भारतीय मूल के 6 सदस्यों ने शपथ ली थी।

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