मानसून अलर्ट! रायगढ़ में बाढ़ से निपटने हाई अलर्ट, कलेक्टर-SSP ने जारी किए सख्त निर्देश

रायगढ़ :  सक्रिय मानसून के दौरान संभावित बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने, राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा मौसमी एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मयंक चतुर्वेदी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने आज एसपी कार्यालय में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में नगर निगम, नगर पालिका, राजस्व, स्वास्थ्य, जल संसाधन, विद्युत, पुलिस, नगर सेना सहित सभी संबंधित विभागों की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए व्यापक कार्ययोजना पर चर्चा की गई।बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, सीएसपी मयंक मिश्रा, सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनिल कुमार जगत, जल संसाधन विभाग, विद्युत विभाग, नगर सेना, राजस्व विभाग, तहसीलदार तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि मानसून के दौरान जन-धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग पूरी सतर्कता, आपसी समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई की कार्ययोजना के साथ कार्य करें। किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में विलंब या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारियों का पूर्व निर्धारण कर मैदानी स्तर पर पूरी तैयारी सुनिश्चित करे। बैठक में नगर निगम, नगर पालिकाओं से लेकर बाढ़ प्रभावित गांवों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों तक की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। हीराकुंड बांध के जलभराव से प्रभावित चिन्हित 17 गांवों में विशेष मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। इन गांवों में जलस्तर की निरंतर निगरानी, समय पर सूचना प्रसारित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की पूरी कार्ययोजना तैयार रखने को कहा गया।

रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में मानसून के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 48 वार्डों के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा निगम के चारों जोन के लिए विशेष प्रभारी बनाए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक में आयुक्त नगर निगम ने भी नगर निगम की तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जल निकासी व्यवस्था, नालों की नियमित साफ-सफाई, जलभराव वाले चिन्हित स्थलों पर त्वरित कार्रवाई, पंपों की उपलब्धता, आपातकालीन टीमों की तैनाती तथा राहत एवं बचाव से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। साथ ही निगम क्षेत्र के सभी 48 वार्डों में सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था भी बनाई जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश

कलेक्टर ने मौसमी एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। विशेष रूप से रायगढ़ शहर के वार्ड क्रमांक 17, 19 एवं 20 में डेंगू की रोकथाम एवं जनजागरूकता के लिए विशेष अभियान संचालित करने को कहा गया। इन वार्डों में स्थानीय पार्षदों के माध्यम से व्यापक स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने जिले के सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में आवश्यक जेनरिक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध रखने के सख्त निर्देश दिए। आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि रोकने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। विशेष रूप से जिले के पहाड़ी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

बैठक में कुनकुनी सड़क मार्ग के जलभराव वाले हिस्से को शीघ्र सुगम बनाने के निर्देश दिए गए। वहीं लैलूंगा विकासखंड के राजपुर पहुंच मार्ग की स्थिति पर भी विशेष चर्चा करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बरसात के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने तथा विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विद्युत विभाग को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।

राहत शिविरों की पूर्व तैयारी और संसाधनों की समीक्षा

बैठक में जिले में उपलब्ध नाव, मोटरबोट, लाइफ जैकेट, रस्सी, राहत सामग्री एवं अन्य संसाधनों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संभावित बाढ़ एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत शिविरों के लिए स्थानीय सामुदायिक भवनों सहित उपयुक्त भवनों को पहले से चिन्हित करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। जिले में बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं के दौरान आम नागरिकों की सहायता के लिए जिला बाढ़ नियंत्रण हेल्पलाइन 07762-223750 को 24 घंटे संचालित रखने तथा कर्मचारियों की चौबीसों घंटे ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

एसएसपी ने दिए सुरक्षा और त्वरित कार्रवाई के निर्देश

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को मानसून के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त, त्वरित पुलिस सहायता तथा प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। बैठक में शहर की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव, उनकी कार्यशीलता तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त कैमरे लगाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

रेलवे अंडरब्रिज गंधरी पुलिया में आवागमन प्रतिबंधित, वैकल्पिक मार्ग का करें उपयोग

रायगढ़ शहर के मध्य स्थित रेलवे अंडरब्रिज (गंधरी पुलिया) को सुरक्षा की दृष्टि से रेलवे प्रशासन द्वारा आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है। नगर निगम प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि मानसून के दौरान इस मार्ग पर अनावश्यक आवागमन न करें तथा वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। प्रशासन ने कहा है कि जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है, जिसका पालन करना सभी नागरिकों के हित में आवश्यक है।

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