शांति वार्ता पर फिर संकट! अमेरिका-ईरान ने तोड़ा युद्धविराम, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) की सेना ने 26 जून को ईरान के ड्रोन और मिसाइल ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए। अमेरिका का कहना है कि ईरान पर ये हमले कल होर्मुज स्ट्रेट से एक विध्वंसक जहाज पर हमले का जोरदार जवाब था। ईरान द्वारा युद्धविराम समझौते को तोड़ने के नतीजों के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “आपको पता चल जाएगा। मुझे यह बात पसंद नहीं आई कि उन्होंने कल एक भी गोली चलाई, असल में चार गोलियां चलाईं। हमने तीन को मार गिराया… एक बहुत महंगा जहाज थोड़ा क्षतिग्रस्त हो गया। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था…”

ईरान का हमला और अमेरिका का जवाब, बदले हालात में शांति वार्ता के बीच अमेरिका और ईरान दोनों ने सीजफायर का उल्लंघन किया है और फिर से एक दूसरे पर हमले शुरू कर दिए हैं। क्या फिर से दोनों देशों के बीच युद्ध शुरू हो जाएगा।

ट्रंप युद्धविराम के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाने में नाकाम-अज़ीज़ी

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने हालिया हमलों के जवाब में कहा कि ट्रंप बातचीत या युद्धविराम के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाने में नाकाम रहे हैं। अज़ीज़ी ने X पर पोस्ट किया, “युद्धविराम का यह लापरवाह उल्लंघन, हमेशा की तरह, उनके लिए पीछे हटने और पछतावे का कारण बनेगा।”

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