कृषि सामग्री में अनियमितता पर प्रशासन का एक्शन, 3 व्यापारियों पर FIR, 9 की बिक्री बंद और 3 गोदाम सील

रायपुर : किसानों तक पहुंचने वाली खाद, बीज और कीटनाशक सामग्री की गुणवत्ता और वैध कारोबार को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले में राज्य और जिला स्तरीय संयुक्त जांच दल द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में बिना प्राधिकार पत्र के कारोबार, एक्सपायरी कीटनाशक और भंडारण में अनियमितता समेत कई खामियां सामने आई हैं।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में तीन व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं 9 संस्थानों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है और 3 गोदाम सील किए गए हैं। एक संस्थान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

बिना प्राधिकार बीज-उर्वरक का कारोबार, 3 पर FIR

जांच के दौरान रायपुर जिले में मेसर्स पुलकित बायोफर्टिलाइजर, हरियाणा और रविन्द्र कुमार मित्तल द्वारा बिना प्राधिकार पत्र के बीज और उर्वरक का कारोबार किए जाने की बात सामने आई। मामले में संबंधित व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

इसके अलावा एकॉन क्रॉप साइंसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एमिरॉन ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड, डेक्सीस एग्रो सॉल्यूशन, भास्कर कृषि केंद्र, अभनपुर कृषि केंद्र और सोपन एग्री केयर प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की गई। अलग-अलग अनियमितताएं मिलने पर इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ बिक्री प्रतिबंध और नोटिस की कार्रवाई की गई है।

गोदाम में मिले बॉक्स, स्टीकर और सील

औचक निरीक्षण के दौरान कुछ गोदामों में कृषि उत्पादों के भंडारण से जुड़ी बॉक्स, स्टीकर और सील जैसी सामग्री बरामद हुई। इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित गोदामों को सील कर दिया गया।

वहीं निधि मार्केटिंग सीएंडएफ, उरकुरा से जुड़े कुछ प्रतिष्ठानों में कृषि उत्पादों के भंडारण में भी अनियमितताएं पाई गईं, जिस पर संबंधितों को नोटिस जारी किया गया है।

जांच में सहयोग नहीं करने पर भी कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान जांच दल के साथ सहयोग नहीं करने के मामले में आरडी इंटरप्राइजेस और डीसी इंटरप्राइजेस के विक्रय केंद्रों को भी सील किया गया है।

नियमों के तहत होगी कठोर कार्रवाई

उप संचालक कृषि ने बताया कि संबंधित संस्थानों को अपना पक्ष रखने के लिए स्पष्टीकरण का अवसर दिया गया है। उनके जवाब और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उर्वरक संबंधी अनियमितताओं पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई होगी। वहीं कीटनाशी उत्पादों में गड़बड़ी पाए जाने पर कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं नियम, 1971 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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