मुख्यमंत्री प्रवास के दौरान घोषणाओं के क्रियान्वयन, सुशासन तिहार, आवेदनों पर की गई कार्यवाही, बस्तर मुन्ने कार्यक्रम की हुई गहन समीक्षा

दंतेवाड़ा : जिला कार्यालय के सभाकक्ष में मंगलवार समय सीमा बैठक का आयोजन किया गया, बैठक की अध्यक्षता कर रहे कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने सर्वप्रथम विगत दिवस माननीय मुख्यमंत्री के चेरपाल प्रवास के दौरान की गई घोषणाओं के संबंध में अब तक की गई कार्यवाही का ब्यौरा जानना चाहा। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री द्वारा अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थी। जिसमें चेरपाल तथा तुमरीगुंडा में खेल मैदान के निर्माण, तुमरीगुंडा में पशु औषधालय भवन निर्माण, चेरपाल में मॉडल बाजार निर्माण, तथा गोयंदर नाला पर स्टॉप डैम निर्माण, के संबंध में महत्वपूर्ण घोषणाएं शामिल है। इसके अलावा बेनपाल, बड़ेपल्ली, पुरंगेल एवं लोहागांव में विद्युतीकरण कार्यों, ढोलकाल एवं कुम्हार रास क्षेत्र के समग्र पर्यटन विकास, मां दंतेश्वरी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए ठहरने की बेहतर व्यवस्था, काउरगांव स्थित पोटाकेबिन के पक्के निर्माण तथा गीदम में आईआईटी भिलाई के सहयोग से ट्राइबल रिसर्च पार्क की स्थापना की मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृति दी गई थी। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा किए गए घोषणाओं पर गम्भीरतापूर्वक कार्यवाही करने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक समय सीमा बैठक में संबंधित विभाग इसकी अद्यतन जानकारी देवें। इसके अलावा कलेक्टर द्वारा सुशासन तिहार के लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण को प्राथमिकता देते हुए कहा गया कि इस संबंध में आ रही समस्याओं से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएं ताकि पोर्टल पर उचित कारण देते हुए इसे दर्शाया जा सके।
बैठक में कलेक्टर ने बाढ़ आपदा राहत के संबंध में अब तक की गई तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य, खाद्य, पुलिस विभाग, विद्युत विभाग, राजस्व विभागों से पूर्व व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही बैठक में सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत हितग्राहियों के पंजीयन, बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के अंतर्गत जाति, निवास प्रमाण पत्र के सेचुरेशन, महतारी वदन योजना और पोषण 2.0 के तहत लाभान्वित बच्चों के संतृप्तिकरण, राशन कार्ड, बनाये जाने जैसे अनेक बिन्दुओं पर कलेक्टर द्वारा अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।







