ईरान का सख्त रुख: परमाणु मुद्दे पर नहीं झुकेगा, अमेरिका को चेतावनी

नई दिल्ली : ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने परमाणु संवर्धन के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने गुरुवार को कहा कि परमाणु ऊर्जा का अधिकार अंतरराष्ट्रीय कानून और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के तहत सुनिश्चित है और यह किसी बाहरी दबाव में नहीं बदलेगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शांति समझौते के तहत अमेरिका चाहता है कि ईरान 20 साल के लिए अपना परमाणु कार्यक्रम स्थगित कर दे, जबकि ईरान केवल पांच साल तक के लिए ऐसा करने पर अड़ा है। अमेरिका जोर दे रहा है कि उच्चस्तरीय संवर्धित यूरेनियम को ईरान देश से बाहर भेजे, जबकि तेहरान इसकी एवज में अपने ऊपर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाने की मांग कर रहा है।

मीडिया अटलकों को किया खारिज

बगाई ने पश्चिमी मीडिया में चल रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण संवर्धन ईरान का वैध अधिकार है, जिसे किसी “रियायत” की तरह नहीं देखा जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान में हुई हालिया ईरान-अमेरिका वार्ता में समृद्धि से जुड़े किसी ठोस मुद्दे पर चर्चा तभी संभव होगी, जब व्यापक समझौते का ढांचा तय हो जाए।

लेबनान के मुद्दे पर ईरान ने अपने समर्थन को बरकरार बताते हुए कहा कि संघर्षविराम समझौते के एक हिस्से के रूप में वहां युद्ध समाप्त करना जरूरी था, लेकिन इजरायल ने इसका पालन नहीं किया।होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर बकाई ने यूरोपीय देशों के संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि क्षेत्रीय देश खुद इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम हैं। उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर “युद्ध भड़काने” का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि बाहरी दखल से हालात और जटिल होंगे।

होर्मुज नहीं छोड़ेगा ईरान, अधिकार सुरक्षित होने तक डटा रहेगा

एएनआई के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजाई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक उसके अधिकार पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से पीछे नहीं हटेगा।

उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर युद्धविराम के समर्थन में नहीं हैं। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, रेजाई ने कहा कि तेहरान इस रणनीतिक जलमार्ग को अपने प्रभाव का अहम केंद्र मानता है और अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में यहां अपनी मौजूदगी बनाए रखेगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ईरान की आर्थिक और समुद्री गतिविधियों पर “गैरकानूनी प्रतिबंध” लगा रहा है।रेजाई ने कहा कि ईरान लंबे युद्ध के लिए तैयार और अनुभवी है, जबकि अमेरिका इससे बचना चाहता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा हालात में वार्ता की शर्तें अब ईरान तय कर रहा है।

उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि अमेरिका से आर्थिक मामलों पर बातचीत में बेहद सतर्कता बरतें। इजरायल की नई चेतावनी एपी के अनुसार, इजरायल ने ईरान पर नए हमले की चेतावनी दी है।

इजरायल की चेतावनी

इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने अमेरिकी प्रस्ताव को नहीं माना, तो उसके नए ठिकानों पर और भी भीषण बमबारी की जाएगी। उन्होंने कहा है कि ईरान ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है, जहां एक रास्ता आतंकवाद और परमाणु शस्त्रों को त्यागने का है, जब कि दूसरा रास्ता उसे खाई की ओर ले जाता है।

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