जनकपुर क्षेत्र में वन भूमि से अवैध कब्जे हटाए गए, प्रशासन का सख्त रुख

मनेन्द्रगढ़ : नगर पंचायत जनकपुर क्षेत्र में शनिवार को वन विभाग ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. वनमंडल मनेंद्रगढ़ के अंतर्गत उपवनमंडल जनकपुर के वन परिक्षेत्र कुंवारपुर के कक्ष क्रमांक 1267 में अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें हटाया गया.

जानकारी के अनुसार, मनेंद्रगढ़ तिराहा स्थित वन भूमि पर लंबे समय से अवैध निर्माण किया जा रहा था. विभाग ने पहले ही भारतीय वन अधिनियम के तहत नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे और संबंधित लोगों को समझाइश भी दी गई थी. इसके बावजूद कब्जा नहीं हटाए जाने पर अतिक्रमणकारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए एक निर्माणाधीन मकान को जमींदोज किया गया, जबकि दो अन्य अतिक्रमणों को भी हटाया गया. वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह क्षेत्र “अंधा मोड़” के पास स्थित है, जहां पहले कई गंभीर सड़क हादसे हो चुके हैं. ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से भी यह कार्रवाई जरूरी थी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी अभियान लगातार जारी रहेगा.

कार्रवाई के दौरान प्रभावित लोगों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बद्री प्रसाद गुप्ता (दुकानदार) ने बताया कि वे पिछले 15 वर्षों से यहां चाय और समोसा बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे. उनका आरोप है कि उन्हें न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही पहले से जानकारी दी गई. अचानक पहुंची टीम ने उनका ठेला और मकान गिरा दिया.

दुकानदार सोनू गुप्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें किसी प्रकार का नोटिस नहीं मिला. उन्होंने कहा कि वन विभाग और पुलिस की टीम ने अचानक पहुंचकर उन्हें जबरन बाहर निकाला, सामान को फेंक दिया और कुछ सामान ट्रैक्टर में भरवा लिया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनका मोबाइल और दुकान की चाबी तक छीन ली गई. उन्हें किसी प्रकार की रसीद या सुपुर्दगी नहीं दी गई.

वन परिक्षेत्र अधिकारी कुंवारपुर

विकास निकुंज (उपवन संरक्षक प्रभारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी कुंवारपुर) ने बताया कि यह कार्रवाई वन मंडल अधिकारी के निर्देश और उपवन मंडल अधिकारी के मार्गदर्शन में की गई. उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों को पहले ही 80A के तहत नोटिस और बेदखली आदेश दिए जा चुके थे. पूर्व में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, लेकिन दोबारा कब्जा कर लिया गया था. आज की कार्रवाई में दो मकानों को ध्वस्त किया गया और एक निर्माणाधीन मकान को अतिक्रमण मुक्त कराया गया. यदि कक्ष क्रमांक 1267 से अतिक्रमण पूरी तरह हट जाता है, तो आने वाले समय में यह क्षेत्र न केवल सुरक्षित होगा बल्कि इसकी प्राकृतिक सुंदरता भी निखरेगी और विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी.

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