स्कूली बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के साथ समय पर मिले योजनाओं का लाभ: कलेक्टर

बेमेतरा : कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने जिला कार्यालय के दिशा सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग एवं आदिवासी विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं, सेवाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का समय पर लाभ सुनिश्चित करना रहा। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित, सुदृढ़ एवं उज्ज्वल बनाने के लिए एक स्पष्ट एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि स्कूली स्तर पर संचालित सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र छात्र-छात्रा तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अधोसंरचना पर विशेष जोर
कलेक्टर ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत, अतिरिक्त कक्षों के निर्माण, पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा की। निर्माण कार्यों में लापरवाही या विलंब करने वाली एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बच्चों के अध्ययन के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

छात्रवृत्ति, परीक्षा परिणाम और मध्यान भोजन पर फोकस
बैठक में कलेक्टर ने छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत पात्र विद्यार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा परिणामों में सुधार लाने के लिए विशेष कक्षाओं के संचालन, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति की निगरानी एवं शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया।इसके साथ ही मध्यान भोजन योजना की गुणवत्ता एवं नियमितता की भी सतत निगरानी करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों को पोषणयुक्त एवं स्वच्छ भोजन मिल सके।

जाति प्रमाण पत्र निर्माण में लाने होंगे तेजी
कलेक्टर ने कहा कि स्कूली बच्चों के लिए जाति प्रमाण पत्र अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसके अभाव में उन्हें कई शैक्षणिक एवं शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जाति प्रमाण पत्र निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर अनुमोदन योग्य प्रकरणों को शीघ्र प्रस्तुत कर समयबद्ध तरीके से प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए।

आदिवासी विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा
बैठक में आदिवासी विकास विभाग द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के उत्थान हेतु संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देते हुए सुरक्षा, साफ-सफाई एवं भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

फील्ड विजिट और औचक निरीक्षण के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने तथा स्कूलों एवं छात्रावासों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचे, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

संयुक्त प्रयासों से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी
बैठक के अंत में कलेक्टर ने स्कूल शिक्षा एवं आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय एवं संयुक्त प्रयासों से सभी योजनाओं एवं सेवाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि उनके माध्यम से बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाना है। इस दिशा में सभी अधिकारियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।

बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध
समग्र रूप से बैठक में लिए गए निर्णयों से यह स्पष्ट हुआ कि जिला प्रशासन बच्चों को बेहतर शिक्षा, आवश्यक सुविधाएं एवं योजनाओं का समय पर लाभ दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन प्रयासों से जिले में शिक्षा के स्तर में सुधार के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिलेगी।

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