खरमास 15 मार्च से शुरू, इन मंत्रों से पाएं सूर्य देव और प्रभु श्रीहरि की कृपा

 खरमास की अवधि 15 मार्च से 14 अप्रैल तक रहने वाली है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खरमास को आध्यात्मिक उन्नति, जप-तप और दान-पुण्य के लिए एक सर्वश्रेष्ठ अवधि माना गया है। इस दौरान किए गए दान-पुण्य व शुभ कार्यों का साधक को कई गुना फल प्राप्त होता है।

खरमास में भगवान विष्णु और सूर्य देव के मंत्रों के जप से आपको आरोग्य, धन और यश की प्राप्ति हो सकती है। साथ ही इन मंत्रों का नियमित जप नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखने का भी काम करता है।

भगवान विष्णु के मंत्र –1. ॐ नमोः नारायणाय॥

2. विष्णु भगवते वासुदेवाये मंत्र
ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥

3. विष्णु गायत्री मंत्र – ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥

4. विष्णु शान्ताकारम मंत्र –शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्
विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।

लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्
वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥

5. मंगलम भगवान विष्णु मंत्र -मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥

6. विष्णु अष्टाक्षर मंत्र –ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ नमो नारायणाय

मिलेगी सूर्य देव की कृपा

ॐ सूर्यनारायणायः नमः।

ऊँ घृणि सूर्याय नमः

सूर्य देव के 12 दिव्य मंत्र 

  1. ॐ मित्राय नमः
  2. ॐ रवये नमः
  3. ॐ सूर्याय नमः
  4. ॐ भानवे नमः
  5. ॐ खगाय नमः
  6. ॐ पूष्णे नमः
  7. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः
  8. ॐ मरीचये नमः
  9. ॐ आदित्याय नमः
  10. ॐ सवित्रे नमः
  11. ॐ अर्काय नमः
  12. ॐ भास्कराय नमः

जरूर करें ये काम
खरमास में विष्णु सहस्रनाम के पाठ आपको बाधाओं से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति आती है। वहीं इस अवधि में श्रीमद्भागवत गीता का पाठ करना भी लाभकारी माना गया है। इसके साथ ही आप खरमास में सत्यनारायण कथा का पाठ भी कर सकते हैं, जिससे श्रीहरि की विशेष कृपा मिलती है और पारिवारिक समृद्धि आती है।

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