बेटे की मौत से दुखी मां-बाप ने दे दी जान, जो लिखकर गए उसे पढ़ रो रहे लोग

जांजगीर-चांपा:  छत्तीसगढ़ के एक गांव में महाशिवरात्रि की रात मातम में बदल गई। जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण पुलिस स्टेशन इलाके में एक दंपती ने खुदकुशी कर ली।

धारदेई में कृष्णा पटेल और उनकी पत्नी रमा बाई ने अपने बेटे के गम में नीम के पेड़ से लटककर फांसी लगा ली। इस दंपती के 21 साल के बेटे आदित्य पटेल की मौत एक साल पहले कार एक्सीडेंट में हो गई थी।

बेटे की मौत के दुख में लगाई फांसीछत्तीसगढ़ के धारदेई कृष्णा पटेल और उनकी पत्नी रमा बाई ने फांसी लगाने से पहले एक चार पेज का सुसाइड नोट और एक वीडियो छोड़ा। सुसाइड नोट में दंपती ने जो लिखा, उसने पूरे इलाके को रुला दिया।

कृष्णा (48) पेशे से राजमिस्त्री थे और रमा बाई (47) एक होममेकर थीं, इनके लिए उनका बेटा आदित्य ही उनकी दुनिया थी।

सुसाइड नोट में दंपती ने लिखा, ‘आदित्य हमारी जिंदगी की नींव, हमारी दुनिया, एक बार में बात मानने वाला बेटा और एक दोस्त था।’ दंपती ने अपने बेटे को भगवान का आशीर्वाद बताया, जिसने उनके घर को खुशियों से भर दिया था।

दंपती ने उस दिन के बारे में लिखा जब आदित्य गांव के एक पुजारी के साथ मंदिर के काम और एक यज्ञ में मदद करने के लिए बाहर गया था। दंपती ने बताया कि आदित्य हिचकिचाया था। लेकिन उसके पित कृष्णा ने जोर देकर कहा, ‘यह भगवान का काम है।’ सुसाइड नोट में कृष्णा ने इसे अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती कहा।

‘भगवान शिव को समर्पित कर रहे हैं’दंपती ने लिखा, ‘वह मुझे हमेशा के लिए छोड़कर चला गया। हम जिंदा थे, लेकिन जी नहीं रहे थे।’ दंपती ने लिखा, ‘भगवान दयालु हैं। लंबे समय तक दुख झेलने के बाद, अब मेरे मन को शांति मिली है। मैं उनकी तरफ खिंचा हुआ महसूस कर रहा हूं। मेरी किस्मत भगवान में मिल जाना है।’

सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा, ‘हम दोनों जान-बूझकर और अपनी मर्जी से खुद को भगवान शिव को समर्पित कर रहे हैं। इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। कृपया करके हमें खुश दिल से अलविदा कहना।’

फांसी लगाने से पहले, कृष्णा और रमा बाई ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया। उसमें, उन्होंने अपने वकील से शांति से बात की। उन्होंने रिक्वेस्ट की कि आदित्य के एक्सीडेंट के बाद मिले मुआवजे के पैसे उनके बड़े भाइयों, कुलभरा पटेल और जलभरा पटेल को ट्रांसफर कर दिए जाएं।

चौकी इंचार्ज सत्यम चौहान ने कहा कि मौके से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें कपल ने साफ-साफ बताया कि अपने इकलौते बेटे को खोने के बहुत ज्यादा दुख ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया।

पड़ोसियों के बताने पर महाशिवरात्रि के अगले दिन सोमवार, 16 फरवरी की सुबह पुलिस पहुंची। लाशों को पेड़ से नीचे उतारा गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। केस दर्ज कर लिया गया है और जांच चल रही है।

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