27 साल, 150 फिल्में और 9 करोड़ का दलदल; पर क्यों चुप है बॉलीवुड? Rajpal Yadav केस की पूरी Inside Story

नई दिल्ली : वो स्टार जिसने सालों साल दर्शकों का दिल जीता, दर्शकों का मनोरंजन किया। वही स्टार आज जिंदगी के उस मोड़ पर है, जहां वो बेबस है और लाचार है। हम बात कर रहे हैं सिनेमा के जाने माने एक्टर राजपाल यादव की। वही राजपाल यादव जो अपनी कॉमेडी से सालों साल दर्शकों का दिल जीतते रहे हैं।

छोटे कद के इस बड़े कलाकार की जिंदगी में 9 करोड़ का जाल ऐसा उनके गले की फांस बना कि मानो उनकी जिंदगी सिनेमा के पर्दे से सलाखों की दहलीज तक आ गई। बदनसीबी तो यह है कि जिस सिनेमा में रहकर उन्होंने सालों साल नाम कमाया, आज उसी सिनेमा के लोग मानो उनसे मुंह मोड़े खड़े हैं और लोग यही सवाल कर रहे हैं कि आखिर सिनेमा के लोगों ने इस मुश्किल घड़ी में राजपाल का हाथ क्यों नहीं थामा है।

आज हम आपको राजपाल (Rajpal Yadav Case) के इस केस की पूरी इनसाइड स्टोरी बताएंगे और समझाएंगे कि कैसे 9 करोड़ का जाल उनके जी का जंजाल बन गया।

फिल्म बनाने के लिए राजपाल ने लिया 5 करोड़ का कर्जराजपाल यादव के जेल में पहुंचने की शुरूआत की कहानी को जानने के लिए आपको लगभग 16 साल पहले जाना होगा। साल 2010 में राजपाल यादव ने डायरेक्टर बनने का फैसला किया था। राजपाल यादव (Rajpal Yadav Debt) ने बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म ‘अता पता लापता’ (Rajpal Yadav Movi) को साल 2012 में रिलीज किया।

इस फिल्म के लिए दिल्ली की एक कंपनी ‘मुरली प्रोजेक्ट्स’ से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। राजपाल उस दौर में कई फिल्में कर चुके थे और बड़ा नाम भी थे, ऐसे में उन्हें लगा कि शायद वो फिल्ममेकिंग में हाथ आजमाए और उन्होंने अता पता लापता नाम की फिल्म बनाई। लंबे इंतजार के बाद साल 2012 में फिल्म आई भी, लेकिन अफसोस ये फिल्म फ्लॉप हो गई।

कौन सी थी वो फिल्म?फिल्म अता पता लापता को बनाने के लिए राजपाल ने खुद डायरेक्शन का जिम्मा संभाला था। इसके अलावा इस फिल्म के लिए प्रोड्क्शन के काम के साथ-साथ वो फिल्म के लीड हीरो भी खुद ही थे। इस फिल्म में राजपाल यादव के अलावा असरानी, ओमपुरी, शरत सक्सेना, विजय राज, मनोज जोशी और आशुतोष राणा जैसे कलाकार थे।

फिल्म को राजपाल ने अपनी पत्नी राधा यादव के नाम पर प्रोड्यूस किया था। बॉक्स ऑफिस इंडिया रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 11 करोड़ में बनी ये फिल्म भारत में सिर्फ 34 लाख रुपए कमा पाई थी। वहीं वर्ल्डवाइड फिल्म महज 42 लाख ही कमा पाई थी। इस फिल्म ने राजपाल की लुटिया डुबो दी थी और यह फिल्म बॉक्स ऑफिस मुंह के बल गिरी थी।

कर्ज चुकाने में असफल और फिर जेल गए राजपालफिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई तो राजपाल ने जो कर्जा लिया, उसे वो चुकाने में असमर्थ रहे। राजपाल ने जो चेक दिए, वो बैंक में बाउंस हो गए। इसके बाद फिर कानूनी लड़ाई शुरू हो गई। कानूनी लड़ाई शुरू हुई तो साल 2013 में ही राजपाल यादव को कोर्ट ने 10 दिन की सजा सुनाई, जिसके चलते राजपाल ने 4 दिन जेल (Rajpal Yadav Jail) में बिताए।

दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें और उनकी पत्नी को चेक बाउंस के 7 मामलों में दोषी करार दिया और 6 महीने की सजा सुनाई। अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें और उनकी पत्नी राधा को परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी ठहरा दिया।

शिकायतकर्ता को जारी किए गए सात चेक बाउंस होने के बाद, एक्टर को छह महीने के जेल की सजा सुनाई गई, जिसमें करीब 3 महीने वो सिविल जेल में रहे। हालांकि इसे 2019 की शुरुआत में एक सत्र न्यायालय ने बरकरार रखा।

खत्म नहीं हुईं राजपाल की मुश्किलेंराजपाल यादव ने कोर्ट से और वक्त मांगा की आने वाले दिनों में वो ये राशि चुका देंगे। राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट में रिवीजन पिटीशन दायर की, लेकिन ये राहत ज्यादा दिनों के लिए नहीं थी। कोर्ट द्वारा राजपाल की सजा को इस शर्त पर निलंबित कर दिया कि वे समझौते के तहत बकाया राशि चुकाएंगे।

कोर्ट ने उन्हें ‘आदतन अपराधी’ नहीं माना और सुधरने का मौका दिया। जून 2024 में, उच्च न्यायालय ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया और उनसे लगभग 9 करोड़ रुपये के बकाया कर्ज को चुकाने के लिए कहा। हालांकि राजपाल बार-बार आश्वासन देते रहे पर अफसोस वो बकाया राशि नहीं चुका सके।

वो आखिरी मोहलत और फिर जेल गए राजपालआखिरकार साल 2025 आया जब अक्टूबर के महीने तक राजपाल यादव ने कोर्ट में 75 लाख रुपए जम किए, लेकिन कोर्ट ने नोट किया कि ब्याज और जुर्माने के साथ अब भी 9 करोड़ रुपये बकाया हैं। उधर राजपाल ने कहा था कि वो बकाया राशि दे रहे हैं और फिर से इसमे देरी हुई।

इसके बाद कोर्ट ने पाया कि इस पूरे मामले में गंभीरता की कमी है, जिसके जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी के साथ, चाहे उसका सेलिब्रिटी स्टेटस कुछ भी हो, हमेशा नरमी नहीं बरती जा सकती। इसके बाद 4 फरवरी 2026 को कोर्ट ने फंड जुटाने के लिए एक हफ्ते की मोहलत मांगने वाली आखिरी मिनट की याचिका को भी खारिज कर दिया, जिससे राजपाल की जिंदगी में जेल का अंधेरा बिल्कुल करीब आ गया।

अदालत ने कहा कि राजपाल ने पिछली 20 अलग-अलग बातों का पालन नहीं किया। 4 फरवरी 2026 को उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया गया और 5 फरवरी को वो तिहाड़ जेल पहुंच गए और तबसे राजपाल अभी जेल में ही हैं।

मायूस राजपाल ने जेल जाने से पहले क्या बोला?राजपाल यादव को जेल हुई लेकिन एक वीडियो जो इस वक्त हर तरफ वायरल हो रहा है। उसमें राजपाल ने जो कहा, वो शायद आपको इमोशनल जरूर करेगा।

राजपाल ने जेल जाने से पहले इमोशनल होते हुए कहा था, “सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं… यहां सब अकेले हैं, कोई दोस्त नहीं है।” यह बयान मायानगरी की उस हकीकत को दर्शाता है जहां रोशनी तो बहुत है, लेकिन अंधेरा होने पर सब साथ छोड़ देते हैं।

क्यों चुप है बॉलीवुड?ये पहली बार नहीं है जब चेक बाउंस मामले और इस केस के चलते राजपाल यादव जेल गए हैं। हालांकि बार बार लोगों के दिल में सवाल यही आया है कि आखिर 27 सालों से सिनेमा में काम कर रहे राजपाल यादव को क्या वाकई में 9 करोड़ रुपए की राशि कोई प्रदान नहीं करवा पाया?

क्या वाकई में हिंदी सिनेमा में किसी ने उनके लिए आवाज नहीं उठाई। हाल ही में एक्टर सोनू सूद ने राजपाल की मदद करने का आदेश दिया। इसके अलावा गुरमीत चौधरी ने भी इस पर बात की है और कहा कि इंड्स्ट्री के लोगों को साथ आने की जरूरत है और उनकी मदद करनी चाहिए।

जो राजपाल लोगों को हंसाने पर मजबूर करके गए, लोगों की आंखों से आंसूओं को ओझल करके गए। सलमान खान से लेकर अक्षय कुमार जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया। भूलभुलैया, चुपचुपके से लेकर हंगामा और ढोल जैसी अनगिनत फिल्में दीं। 27 साल के करियर में करीब 125 से ज्यादा फिल्में कीं।

आज वही राजपाल यादव (Rajpal Yadav) मुसीबतों के दलदल में फंसे हैं। कहा यही जाता है कि, इंडस्ट्री में लोग अक्सर डूबते हुए जहाज पर सवार नहीं होना चाहते। खैर हमारी उम्मीद यही है कि, जल्द से जल्द राजपाल जेल से बाहर आएं और बकाया राशि चुकाकर अपने काम पर लौटें और फैंस को फिर से एंटरटेन करें।

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