Vastu Niyam: कार में इन मूर्तियों को रखना पड़ सकता है भारी, वास्तु का ये नियम देता है चेतावनी

हम जब भी नई कार लेते हैं, तो सबसे पहले अपने ईष्ट देव की छोटी सी मूर्ति डैशबोर्ड पर स्थापित करते हैं। माना जाता है कि इससे सफर सुरक्षित रहता है और ईश्वर का आशीर्वाद बना रहता है। लेकिन, वास्तु शास्त्र की मानें तो कार एक छोटा और गतिशील स्थान है। यहां मूर्तियों को रखने के नियम घर के मंदिर से काफी अलग होते हैं। अनजाने में की गई छोटी सी गलती आपकी एकाग्रता और सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है।
कौन सी मूर्तियाँ रखने से बचें?
वास्तु के मुताबिक, कार में कभी भी उग्र रूप वाली मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। जैसे, मां काली का क्रोधित स्वरूप या युद्ध मुद्रा वाली तस्वीरें कार की ऊर्जा को अशांत कर सकती हैं। कार एक ऐसी जगह है जहां शांति और संतुलन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, इसलिए यहां सौम्य और मुस्कुराते हुए चेहरों वाली मूर्तियां ही लगानी चाहिए।
कुछ लोग कार में पूर्वजों की तस्वीर भी लगाते हैं। वास्तु के अनुसार, कार में पितरों की फोटो लगाना उचित नहीं माना जाता, इसे घर के दक्षिण हिस्से में ही सीमित रखना चाहिए।
सही दिशा और स्थान का महत्व
वास्तु नियमों के अनुसार, भगवान गणेश की ऐसी मूर्ति जिसमें उनकी सूंड बाईं ओर (Left) मुड़ी हो, कार के लिए सबसे शुभ मानी जाती है। इसके अलावा, आप कार में कछुआ भी रख सकते हैं, जो सकारात्मकता और स्थिरता का प्रतीक है। ध्यान रखें कि डैशबोर्ड पर बहुत ज्यादा मूर्तियों की भीड़ न लगाएं, इससे ऊर्जा का प्रवाह बाधित होता है और ड्राइवर का ध्यान भटक सकता है।
कार में सुखद यात्रा के लिए वास्तु नियमकार के अंदर कभी भी कचरा या फटे पुराने कपड़े न रखें, इससे राहु का प्रभाव बढ़ता है।
विघ्नहर्ता की छोटी मूर्ति सफर की बाधाओं को दूर करने में सहायक मानी जाती है।
कार के ग्लोव बॉक्स या सामने की तरफ मोर पंख रखना नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है।
कार के एक कोने में छोटा सा सेंधा नमक का टुकड़ा रखने से यात्रा के दौरान होने वाली बेचैनी कम होती है।







