धर्मांतरण केस में रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर की गिरफ्तारी, एक साल से चंगाई सभा कराने का आरोप

रायपुर: देश में धर्मांतरण की समस्या बढ़ती जा रही है. इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर को धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. यह मामला 26 जनवरी का बताया जा रहा है.
जिसमें एक चंगाई सभा का आयोजन किया गया था.

ओमेगो टोप्पों के घर में आयोजित किए गए चंगाई सभा में अचानक हिंदू संगठन के कार्यकर्ता पहुंच गए. जिसके बाद एक बहुत बड़े गिरोह का भंडा फोड़ हुआ. इस सभा में लगभग 60 लोग मौजूद थे, जो 5 से 6 लोगों के धर्म परिवर्तन करवाने के मकसद से पहुंचे थे.

पुलिस ने दी जानकारी

सरगुजा जिले के नमनाकला इलाके में रहने वाला आरोपी के घर में पिछले एक साल से चंगाई सभा का आयोजन किया जा रहा था. आरोपी सभाओं में लोगों को बुलाता था और लालच देकर या फिर भ्रम में डालकर धर्म परिवर्तन करने के लिए उकसाता था. इसी बीच 26 जनवरी को इसके बारे में हिंदू संगठन को पता चला और कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए. पुलिस ने बताया की जिस घर में यह सभा चलाया जा रहा था उसके बाहर गाड़ियों की लंबी लाइनें लगी थी. हालांकि वहां मौजूद महिला से जब इसके बारे में पूछा गया तो वह वहां से फरार हो गई.

क्या होता है चंगाई सभा?

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जब सभा में पुलिस पहुंची तो वहां मौजूद रिटायर्ड अधिकारी उन्हें रोकने के लिए अपने प्रशासनिक अनुभवों का हवाला देने लगा. उसने पहले पहचान पत्र और फिर वारंट की मांग की. वहां मौजूद लोगों ने भी प्रार्थना सभा खत्म होने तक पुलिस को रोकने की पूरी कोशिश की लेकिन पुलिस एक्शन लेते हुए सीधा अंदर पहुंच गई. जहां सारी सच्चाई का पता चला.

बता दें कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में चोरी-छुपे चंगाई सभा चलाया जाता है. जिसमें लोगों को जबरन धर्म परिवर्तन करने पर मजबूर किया जाता है. इन सभाओं में भगवान की मूर्तियों को पत्थर बताकर इन्हें ना मानने की सलाह दी जाती है. भ्रम फैलान के बाद भी जब लोग नहीं मानते हैं तो उन्हें लालच देकर धर्म बदलने के लिए उकसाया जाता है. कुछ लोग इसे हीलिंग मीटिंग भी कहते हैं

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