ED ने सौम्या चौरसिया समेत अन्य आरोपियों की 2.66 करोड़ की 8 अचल संपत्तियां को किया अटैच

रायपुर :  कोल लेवी घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर जोनल कार्यालय ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। ED ने आरोपी सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर से जुड़ी करीब 2.66 करोड़ रुपये की आठ अचल संपत्तियों को अटैच किया है, जिनमें जमीन के टुकड़े और रिहायशी फ्लैट शामिल हैं। इस कार्रवाई के साथ ही घोटाले में अब तक ईडी द्वारा अटैच की गई संपत्तियों का आंकड़ा 273 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस मामले में ईडी अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि 35 आरोपियों के खिलाफ 5 चालान विशेष अदालत में पेश किए जा चुके हैं।

ईडी के मुताबिक, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत जारी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) के माध्यम से जिन आठ अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है, वे अपराध की कमाई से खरीदी गई थीं। ये संपत्तियां सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर द्वारा अपने रिश्तेदारों के नाम पर ली गई थीं। यह राशि कोयला लेवी की अवैध वसूली और अन्य जबरन वसूली गतिविधियों से अर्जित की गई थी।

ED ने इन मामलों के आधार पर शुरू की जांच

ED ने यह जांच बेंगलुरु पुलिस की एफआईआर क्रमांक 129/2022, आयकर विभाग की अभियोजन शिकायत क्रमांक 3167/2023 (दिनांक 19 जून 2023) तथा EOW/ACB रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में कोयला लेवी की अवैध वसूली को लेकर दर्ज एफआईआर क्रमांक 03/2024 (दिनांक 11 जनवरी 2024) के आधार पर शुरू की थी।

540 करोड़ की अवैध वसूली का खुलासा

जांच में पता चला है कि कुछ निजी व्यक्तियों के एक समूह ने राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों की मिलीभगत से, जुलाई 2020 से जून 2022 की अवधि के दौरान ट्रांसपोर्ट किए गए कोयले के प्रति टन 25 रुपये की दर से कोयला ट्रांसपोर्टरों से पैसे वसूलने के लिए एक रैकेट बनाया था। इस अवधि के दौरान, सिंडिकेट द्वारा लगभग 540 करोड़ रुपये अवैध रूप से वसूले गए। जबरन वसूली गई नकदी, जो अपराध की कमाई (POC) थी, का इस्तेमाल सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देने, चुनाव से संबंधित खर्चों को फंड करने और चल और अचल संपत्तियों को खरीदने के लिए किया गया था। अब तक, आरोपी व्यक्तियों से संबंधित 273 करोड़ रुपये की संपत्तियों की पहचान की गई है और उन्हें अटैच किया गया है।

कोयला लेवी मामले में ED ने अब तक 11 आरोपियों को किया गिरफ्तार

जांच के दौरान ईडी ने अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही 35 आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ पांच अभियोजन शिकायतें विशेष न्यायालय (PMLA) के समक्ष दायर की गई हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

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