प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2025-26 हेतु कार्यशाला आयोजित, अऋणी किसानों को भी जोड़ने पर विशेष जोर

बेमेतरा  : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत खरीफ मौसम वर्ष 2025-26 के लिए पोर्टल में एंट्री से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन के उद्देश्य से शनिवार को शहर के टाउन हॉल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उप संचालक कृषि एम.डी. डड़सेना, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी आर.के. वारे, एस.के. श्रीनिवास सहित सभी शाखा प्रबंधक, समिति प्रबंधक, समिति ऑपरेटर, अनुविभागीय कृषि अधिकारी एवं बीमा कंपनी के संभाग व जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर बीमा कंपनी के संभागीय अधिकारी द्वारा बैंक एवं सीएससी ऑपरेटरों को पोर्टल संचालन के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं, किसान ऋण पोर्टल (केआरपी) पर केसीसी धारक किसानों की जानकारी अपलोड करने की प्रक्रिया एवं फसल नुकसान के स्तर की जानकारी विस्तारपूर्वक दी गई। इसके साथ ही बीमित कृषकों की सही एंट्री कैसे की जाए, इस पर भी तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उप संचालक कृषि डड़सेना ने उपस्थित अधिकारियों व प्रतिनिधियों को फसल बीमा की आवश्यकता, इसके लाभ और किसानों के लिए इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं या फसल क्षति की स्थिति में यह योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करती है। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में सहकारी समितियों द्वारा किए गए कार्य सराहनीय हैं और आगे भी इसी प्रकार बेहतर कार्य करने की अपेक्षा की जाती है। इस वर्ष अधिक से अधिक अऋणी किसानों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कार्यशाला में यह भी स्पष्ट किया गया कि अऋणी किसान अब जागरूक हो रहे हैं और वे बीमा कराने के लिए स्वयं आगे आ रहे हैं। उन्हें बीमा नियमों की जानकारी देकर योजना का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा ऐसे प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र किसान फसल बीमा योजना से वंचित न रहे और प्राकृतिक आपदाओं के समय उसे पर्याप्त सुरक्षा मिल सके।

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