किरंदुल में मनाई गई देव स्त्रान पूर्णिमा,भगवान जगन्नाथ का 108 कलशों के जल से हुआ अभिषेक

किरंदुल : लौहनगरी के श्री जगन्नाथ मंदिर प्रांगण में 11 जून को देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ,भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा का पारंपरिक स्नान उत्सव विधिवत रूप से आयोजित किया गया।यह कार्यक्रम रथ यात्रा की पूर्व तैयारी का एक प्रमुख भाग होता है।मंदिर समिति के अध्यक्ष आर सी नाहक ने जानकारी देते हुए बताया कि स्नान पूर्णिमा के दिन भगवान को 108 पवित्र कलशों के जल से अभिषेक हुआ,जिसमें पंचामृत स्नान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह विशेष पूजन प्रारंभ हुआ।इसके बाद भगवान को शीतल वस्त्र धारण कराए गया और सुंदर श्रृंगार के साथ भक्तों को दर्शन दिए जाएंगे।
इस अवसर पर मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण और सामूहिक पूजा का आयोजन भी किया गया है।मंदिर समिति ने नगरवासियों, श्रद्धालुओं एवं भक्ति अनुष्ठान में सम्मिलित हुए और भगवान के स्नान-दर्शन का लाभप्राप्त किया। यह आयोजन आगामी 27 जून को निकलने वाली रथ यात्रा का प्रारंभिक चरण है, जिसमें स्नान के बाद भगवान अनवस्था काल में विश्राम करने चले जाते हैं और फिर रथ यात्रा के दिन स्वस्थ होकर नवविग्रह स्वरूप में नगर भ्रमण करेंगे।







