Health Tips: सूखी खांसी को साधारण समझने की भूल न करें, गंभीर बीमारी का हो सकता है संकेत

HIGHLIGHTS
- सूखी खांसी के साथ ही बुखार आने पर इंफेक्शन होने की आशंका भी बढ़ जाती है।
- ठंड में जोड़ों में दर्द होना, रुक-रुक कर बुखार आता है तो डेंगू और मलेरिया के लक्षण हो सकते हैं।
- जिन्हें दमा-अस्थमा हो वे सुबह जल्दी घर से बाहर न निकलें। शाम के बाद भी घर में ही रहें।
Health Tips: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। ठंड के मौसम में सामान्य लगने वाली सर्दी-खांसी भी गंभीर बीमारियों के संकेत देती है। सबसे ज्यादा घातक सूखी खांसी होती है। ठंड के मौसम में सूखी खांसी की सबसे ज्यादा शिकायतें आती हैं। सूखी खांसी के साथ ही बुखार आने पर इंफेक्शन होने की आशंका भी बढ़ जाती है। इसके साथ ही सांस लेने में दिक्कत है, तो निमोनिया होने की आशंका भी रहती है। समय पर इलाज न हो तो निमोनिया गंभीर रूप ले लेता है।

सर्जन डा. महक भंडारी का कहना है कि इस तरह ठंड में जोड़ों में दर्द होना, रुक-रुक कर बुखार आता है तो यह लक्षण डेंगू और मलेरिया के हो सकते हैं। ठंड में इसी तरह के लक्षण मिलने पर सबसे पहले डाक्टर को दिखाएं। जांच कराके इलाज लें। कई बार इस तरह के लक्षणों को सामान्य रूप से देखा जाता है और लोग घरेलू इलाज करने लगते हैं या फिर स्वयं मेडिकल स्टोर से दवाएं लेकर खा लेते हैं। यह गंभीर हो सकता है। इससे बीमारी अंदर ही अंदर बढ़ने लगती है। कई बार स्थिति नाजुक भी बन जाती है।
ठंड में सुबह जल्दी बाहर न निकलें अस्थमा के मरीज
ठंड के दौरान एलर्जी, दमा-अस्थमा की समस्याएं भी ज्यादा होती है। इस तरह के मरीजों को ठंड में सुबह जल्दी बाहर नहीं निकलना चाहिए और शाम के बाद भी घर पर ही रहना चाहिए। उचित गर्म कपड़े पहनें। इसी तरह के कई मरीज खुले में योग, व्यायाम आदि करते हैं। जबकि ठंड के मौसम में योग आदि घर के अंदर ही करना चाहिए। इस मौसम में खान-पान का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।







